नप अध्यक्ष के कार्यालय पर िवस्फोट का मामला
चाईबासा : चाईबासा नगर पर्षद अध्यक्ष के कार्यालय में सोमवार को बम फेंकने के मामले में पुलिस को अबतक सुराग नहीं मिला है. इसकी जांच के लिए मंगलवार को रांची से तीन सदस्यीय फॉरेंसिक टीम चाईबासा पहुंची. टीम ने विस्फोट स्थल की जांच कर सबूत जुटाया. फोटोग्राफी के साथ टीम कई नमूने ले गयी. अब तक की जांच में धमाके में कम बारूद वाले देशी बम का उपयोग बताया जा रहा है. बम में ठोस पाउडर, केमिकल और शीशा की मिलावट की गयी थी. कम शक्तिशाली वाले इस बम में छर्रे के तौर पर कांटी की जगह कांच का इस्तेमाल किये जाने की बात सामने आयी है.
नगर पर्षद अध्यक्ष के कार्यालय की खिड़की पर काले रंग का शीशा लगा था. सोमवार तक घटनास्थल पर टूट कर बिखरे शीशे को पुलिस खड़की का शीशा मान रही थी, लेकिन जांच के बाद फॉरेंसिक टीम ने पाया कि काफी दूसरे रंग के शीशा हैं. वह कार्यालय के किसी हिस्से के नहीं थे. इसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि इन शीशों को छर्रे के रूप में इस्तेमाल किया गया है.
जांच के दौरान जिला मुख्यालय डीएसपी प्रकाश सोय, सदर थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह, मुफस्सिल थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह मौके पर मौजूद थे. गौरतलब है कि सोमवार की दोपहर 12.45 बजे नगर पर्षद स्थित अध्यक्ष नीला नाग के कार्यालय पर बम फेंक कर हमला किया गया था. इसमें उनके कार्यालय के एक खिड़की का शीशा टूट गया था. घटना के समय अध्यक्ष नीला नाग व सिटी मैनेजर विशाल कार्यालय में मौजूद थे. हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था.
मलबे से मिला सुराग :फॉरेंसिक जांच टीम असिस्टेंट डायरेक्टर बीके ठाकुर के साथ चाईबासा पहुंची थी. टीम में साइंटिफिक असिस्टेंट डॉ अनिल कुमार और वैज्ञानिक सहायक डॉ सत्यप्रकाश शामिल थे. उन्होंने विस्फोट स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. केमिकल जांच के जरिये मलबे से संभावित विस्फोटकों के बारे में जानकारी हासिल की. सफेद कांच के टुकड़े, बाम के अवशेष, जले बारूद का डस्ट, बम बनाने में इस्तेमाल की गयी ओड़िया न्यूज पेपर के टुकड़े आदि को जब्त किया गया. टीम लगभग दो घंटे तक मौके पर मौजूद रही. हालांकि टीम ने जानकारी देने से इनकार किया.
नप रांची से पहुंची तीन सदस्यीय फॉरेंसिक टीम ने की जांच , कई नमूने जब्त कर ले गयी जांच टीम
चक्रधरपुर से जुड़ रहे हैं तार
बमबाजी के तार चक्रधरपुर जोड़कर पुलिस देख रही है. जिले में हुई बमबाजी की पिछली घटनाओं के तार चक्रधरपुर अंचल से जुड़े पाये गये थे. इसके कारण पुलिस अनुमान कर रही है कि बम चक्रधरपुर में बना हो सकता है. उस क्षेत्र के लोगों ने ही बम फेंका होगा. नगर पर्षद परिसर के बाहर से बम चलाये जाने की सबसे ज्यादा संभावना पुलिस को दिखने लगी है. जांच के बाद पुलिस मान रही है कि बाइक चलाते हुए बम को फेंका गया है. पुलिस ने इस मामले में कुछ कुख्यातों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है. हालांकि अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है.
