चक्रधरपुर से सुशील महतो की रिपोर्ट
Railway News: हावड़ा से अहमदाबाद जा रही (12834) हावड़ा-अहमदाबाद सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के सामने अचानक हाथियों का झूंड आ गया. जिसे देख अहमदाबाद एक्सप्रेस के लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा कर ट्रेन को रोक दी. लोको पायलटों की तत्परता से हाथियों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा होने से बच गया. यह घटना बीती रात करीब 1.42 बजे कलाईकुंडा-सरडीहा रेलखंड (किमी नंबर 125/35) की है. यह रेलखंड दपू रेलवे के हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग खड़गपुर रेल मंडल में है, जो रेलवे का एलीफेंट जोन में प्रसिद्ध है. घने जंगल होने की वजह से अक्सर रेलवे ट्रैक पर हाथी आते जाते रहते हैं.
सहम गए यात्री
अहमदाबाद एक्सप्रेस के लोको पायलट ए खालको और सहायक लोको पायलट एसएन सोरेन चक्रधरपुर के हैं. दोनों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को सुरक्षित कर हाथियों की जान बचाई. रेलवे को दी गई सूचना के मुताबिक अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन की दूरी हाथियों से करीब 10 मीटर थी. जिससे हाथियों को देख ट्रेन के यात्री सहम गए. बताया जाता है कि यह घना जंगल वाले इलाकों में ठीक से दिखाई नहीं देता है, जिससे सामान्य दिनों में भी लोको पायलटों को काफी सतर्कता से हॉर्न बजाते हुए कम गति से ट्रेनों का परिचालन करना पड़ता है.
सुरक्षित रेलवे ट्रैक पार करने के लिये हाथियों के लिए बनेगा कॉरीडोर
रेलवे ट्रैक पर नए-नए जगहों पर हाथियों के ट्रैक पर आने के मामले सामने आ रहे हैं. दपू रेलवे में ऐसे मामले सबसे अधिक देखने को मिल रहे हैं. ये मामले रेल परिचालन पर प्रभाव डालते हैं. हाथियों के ट्रेन के चपेट में आने पर तेज रफ्तार ट्रेनें पटरी से उतरने सहित कई बड़ी दुर्घटनाओं की संभावना होती है. इससे यात्रियों की सुरक्षा का भी खतरा होता है. इससे रेल यातायात में अवरोध और रेल संपत्ति की हानि होती है. हाथियों को सुरक्षित रेलवे ट्रैक पार कराने के लिए कॉरिडोर, अंडर पास और ओवर ब्रिज बनाने के लिए रेलमंत्री ने दपू रेलवे को निर्देश दिए हैं. इनमें चक्रधरपुर रेल मंडल भी शामिल है. हाथियों को सुरक्षित ट्रेक पार कराने के लिये चक्रधरपुर रेल मंडल में कुल 17 कॉरीडोर, अंडर और ओवर ब्रिज बनाने के लिए टेंडर जारी किया गया है.
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