गम्हरिया : जाको राखे साइया मार सके ना कोई. उक्त कहावत ट्रेन हादसे के दौरान अक्षरश: होते यात्रियों ने देखी. उक्त ट्रेन की दो बोगी बेपटरी हो गयी, लेकिन उस पर सवार किसी भी यात्री को खरोच तक नहीं आयी. ट्रेन पर सवारी यात्री इसे ईश्वर का वरदान मान रहे हैं.
इस संबंध में यात्रियों ने बताया कि स्टेशन के समीप आ जाने की वजह से ट्रेन की रफ्तार 5-10 किमी प्रति घंटे थी. अगर यही घटना स्टेशन के बाहर घटती, तो उक्त बोगी बेपटरी होने के बजाय पूरी तरह पलट जाती और उस पर सवार किसी भी यात्री की जान नहीं बच पाती.
उक्त बोगी लगेज से सटे होने की वजह से उक्त बोगी पर कुछ ही यात्री सवार थे. यही कारण था कि उक्त घटना में किसी भी यात्री को किसी प्रकार की चोट नहीं पहुंची.
