।। राधेश सिंह राज ।।
– सरकारी राशि का दुरुपयोग
– जनता गोलबंद, आंदोलन की घोषणा
– कई मामलों में आधी से भी अधिक राशि की हो चुकी है निकासी
– लोगों ने कई बार की उच्चधिकारियों से शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड की छह पंचायतों के 56 गांवों के विकास लिए वर्ष 2011 में सारंडा डेवलपमेंट प्लान की शुरुआ की गयी है. पर इसी इलाके में पिछले छह-छह साल से योजनाओं अधूरी है और उसके नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है.
इसकी शिकायत भी कई बार उच्चधिकारियों से की गयी है, लेकिन कुछ नहीं किया गया. अब स्थानीय लोग इसके विरोध में गोलबंद हो रहे हैं और आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं.
मनोहरपुर के कांग्रेस नेता सुशील बारला ने मामले में चेतावनी दी है कि 28 जनवरी से प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की जायेगी. पहले चरण में सारंडा के ग्रामीण, पंचायत जनप्रतिनिधियों के साथ 28 जनवरी को मनोहरपुर ब्लॉक के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे. आंदोलन को लेकर एसडीओ को पत्र सौंप दिया गया है.
होगी मामले की समीक्षा
सभी योजनाओं की समीक्षा होगी. योजना क्यों अपूर्ण है, इसको देखा जायेगा. अगर किसी अधिकारी द्वारा काम में लापरवाही बरती गयी है, तो जांच कर उस पर कार्रवाई की जायेगी. योजनाएं हर हाल में पूरी होनी चाहिए.
अबुबक्कर सिद्दीकी पी, उपायुक्त
योजना नंबर 1
– प्राक्कलित राशि : 679400 रुपये
– विमुक्त राशि : 509500 रुपये
वित्तीय वर्ष 2007-08 में मनोहरपुर के संत अगस्तीन उच्च विद्यालय मनोहरपुर परिसर में शौचालय व डीप बोरिंग का काम शुरू हुआ था. छह साल बीत गये न शौचालय का निर्माण पूरा हुआ और न ही डीप बोरिंग की गयी. हां इसके नाम पर पांच लाख रुपये जरूर निकाल लिये गये हैं.
योजना नंबर 2
प्राक्कलित राशि : 382100 रुपये
विमुक्त राशि : 191050 रुपये
संत जोसेफ स्कूल चारबंदिया आनंदपुर में डीपबोरिंग एंव जलापुर्ती योजना पर वर्ष 2008-09 में काम शुरू हुआ था. पांच साल गुजर गये आज भी योजना अधूरी है, जबकि आधी राशि निकाली जा चुकी है.
योजना नंबर-3
विमुक्त राशि : छह लाख रुपये
वित्तीय वर्ष 2007-08
राजीव गांधी सेवा केंद्र, छोटानागरा, बाईहातू का निर्माण 2007-08 में शुरू हुआ था और पिछले छह साल से काम पूरा नहीं किया गया है. इसका काम तत्कालीन कनीय अभियंता हरिनंदन रजक देख रहे थे. इसके नाम पर छह लाख रुपये की निकासी भी हो चुकी है.
योजना नंबर 4
प्राक्कलित राशि : 22 लाख
खर्च : आठ लाख
सहायक अभियंता शशि प्रकाश को छोटानागरा पंचायत भवन के निर्माण का काम सौंपा गया था. गड़बड़ी के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा. इसके बाद 2011-12 से ही यह योजना अधूरी पड़ी हुई है.
योजना नंबर-5
प्राक्कलित राशि: 54 लाख
निकासी : 22 लाख रुपये
स्वास्थ केंद्र,छोटानागरा का निर्माण वर्ष 2007-08 में शुरू हुआ था. 54 लाख की इस योजना के नाम पर 22 लाख रुपये निकाल भी लिये गये और काम पूरा किये बिना छोड़ दिया गया.
