मनोहरपुर : सारंडा व कोल्हान में जंगल बचाओ अभियान के तहत सोमवार को आनंदपुर प्रखंड के झारबेड़ा पंचायत के छह गांवों के लोगों ने जंगल बचाने का बीड़ा उठाते हुए नयी पहल की शुरुआत की है.
पंचायत स्तर पर वन सुरक्षा समिति का गठन गांव में अध्यक्ष का चयन कर वन रक्षा के लिए गांव के ग्रामीणों ने एक मंच पर आकर वन रक्षा का बीड़ा उठाया है. पंचायत के चोड़ारप्पा, रानाबुरु, बांदुनासा, झारबेड़ा, बुनुमदा एंव बटमा गांव से लोगों ने बांदुनासा व चोड़ारप्पा सीमा पर क्षेत्र पर बैठक करते हुए पेड़ काटना मना है, वन सुरक्षा एवं संरक्षण समिति के अध्यक्ष के रूप में सेबियन लाल गुड़िया, सचिव प्रसाद चांपिया, कोषाध्यक्ष विमल आइंद, उपाध्यक्ष जॉन तोपनो एवं सह सचिव राजेश किस्पोट्टा ने कमेटी का पदभार ग्रहण करते हुए जंगल बचाने की कसम खाई.
सोमवार को वन विभाग के वन काटने की अनुमति नहीं देने के बावत बोर्ड लगाने के समय में काफी संख्या में महिला पुरुषों ने उपस्थित होकर वन काटने व इससे होने वाले परिणामों के बावत अपनी सहमति दर्ज कराई. अध्यक्ष श्री गुड़िया ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में किसी कीमत पर लकड़ी माफियाओं को प्रवेश नहीं करने देंगे.
जंगल काटते व लकड़ी बेचते पकड़े जाने पर संबधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. बचे हुए चार अन्य गांवों में जल्द ही विभाग द्वारा सूचना पट्ट लगाया जायेगा. इस मौके पर मुख्य रूप से नुवास सुरीन, लक्ष्मण टोप्पो, एतवा तिर्की, विलियम कंडायबुरु, मरियम कोनगाड़ी, सुरेन तोपनो, आनंद चांपिया, सिलिबिया कंडायबुरु, मोहन चांपिया, जोसबिना कोनगाड़ी आदि काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
