मुसाबनी : बेनाशोल पंचायत स्थित सोहदा गांव के श्याम टोला एवं सबर बस्ती में एक सप्ताह के अंदर बीमारी से चार सबरों की मौत हो गयी. इससे गांव में मातम है. श्याम टोला में 25 दिसंबर को नकुल सबर (45) की मौत हो गयी. नकुल पिछले एक पखवाड़े से बीमार था.
विधवा शंकुतला सबर ने बताया कि पहले सरकारी अस्पताल से चिकित्सा करायी. उससे कोई फायदा नहीं होने पर जड़ी-बूटी से इलाज कराया. 25 दिसंबर को नुकल की तबीयत अचानक बिगड़ गयी और घर में ही उसकी मौत हो गयी.
इसी टोला के बुधू सबर (38) की ठंड एवं बुखार से 22 दिसंबर को मौत हो गयी. पत्नी सोमवारी सबर ने बताया कि आर्थिक परेशानी के कारण बुधू का इलाज नहीं कराया जा सका.अब विधवा सोमवारी सबर के समक्ष चार बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेवारी है. बगल की सबर बस्ती में भी एक सप्ताह के अंदर मुखी सबरीन (45) तथा माताल सबर (42) की मौत हो गयी.
आदिम जनजाति कल्याण समिति के संस्थापक बंकु सबर ने कहा कि सभी की मौत उचित इलाज के अभाव में हो गयी. जंगल से सूखी लकड़ी ढोकर परिवार चलाने वाले ये लोग गरीबी में जीने को मजबूर हैं.
