चाईबासा : पारिवारिक कलह को लेकर बहू पांगीता जामुदा की हत्या का दोषी करार देते हुए जिला व अपर सत्र न्यायाधीश विजय शंकर शुक्ल की अदालत ने पति साहेब उर्फ रघुनाथ जामुदा तथा ससुर जयसिंह उर्फ सिकंदर जामुदा को उम्र कैद की सजा सुनायी है. आरोपियों पर आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
जुर्माना नहीं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. चक्रधरपुर थाने में रमेश पुरती ने 16.7.2008 को शिकायत दर्ज करायी थी. जिसमें उसने बताया था कि निकम्मा होने के कारण उनका दामाद काम काज नहीं करता था. बेटी हांडिया बेच कर परिवार का गुजारा कर रही थी.
इसे लेकर दोनों में पारिवारिक कलह होता था. ससुर ने पति-पत्नी को अलग कर दिया था. घटना वाले दिन दोनों ने गला दबाकर उनकी बेटी की हत्या कर तथा उसकी मौत डायरिया के कारण होने की बात कही थी. लेकिन गले में काले दाग का निशान तथा शरीर चोट देख पिता ने इसकी शिकायत थ़ाने में दूसरे दिन की. लेकिन इस बीच दोनों बाप-बेटे ने शव को घर के पीछे दफना दिया था.
