नोवामुंडी : भाड़ा बढ़ाये जाने की मांग को लेकर माइनिंग एरिया ट्रक ऑनर एसोसिएशन द्वारा छह दिसंबर से चलाये जा रहा चक्का जाम आंदोलन दरार के बावजूद निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. आंदोलन व माल ढुलाई के प्रभावित होने से माइंस प्रबंधकों व रेलवे के करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है.
एसोसिएशन ने किराया बढ़ोतरी को लेकर जो सूची जारी की है उससे माइंस प्रबंधन सहमत नहीं. हालांकि बुधवार को एसडीओ जयकिशोर प्रसाद की अध्यक्षता में बड़ाजामदा थाना परिसर में माइंस प्रबंधक, एसोसिएशन व प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय समझौता वार्ता होने वाली है.
इसमें किराया बढ़ोतरी पर कोई मान्य निर्णय निकल जाने की उम्मीद सभी पक्ष कर रहे. आंदोलन में दरार से कंपनियों को राहत
एसोसिएशन के सदस्यों ने ही लौह-अयस्क की ढुलाई के लिए लगभग 175 हाइवा व डंपर वाहन को लगा दिया. इससे 50 फीसदी लौह-अयस्क की ढुलाई का कार्य हुआ. उधर श्रीराम मिनरल्स माइंस प्रबंधक विनीत ने कहा कि 10 से 15 रुपये प्रति टन भाड़ा बढ़ाये जाने पर विचार किया जा सकता है, इससे अधिक नहीं.
