चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आरपीपी सिंह ने कहा कि शिक्षा की बुनियाद एक शिक्षक ही रखता है. इसलिए शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता के बारे पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर लोग आ सके. ऐसे में नैक की कार्यशाला विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए एक बेहतर अवसर है, इसका लाभ सभी शिक्षकों को लेना चाहिए.
कुलपति मंगलवार को टाटा कॉलेज के बिरसा मेमोरियल हॉल में शुरू हुए दो दिवसीय नैक जागरूकता कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे. कुलपति ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला में कुछ पाने की उम्मीद से ना सीखे बल्कि कुछ नयी जानकारी लेने की उम्मीद से भाग लें. कार्यशाला में प्रति कुलपति डॉ शुक्ला माहंती ने कहा कि प्रत्येक कॉलेज के प्रिंसिपल को उसके कॉलेज में बेहतर शिक्षा कैसे हो इसका ख्याल रखना चाहिए.
इससे पूर्व कार्यशाला का उदघाटन कुलपति डॉ आरपीपी सिंह, प्रतिकुलपति डॉ शुक्ला महंती व नैक से आये प्रोफेसरों ने दीप जलाकर किया. कार्यशाला के पहले दिन विभिन्न कॉलेजों के लगभग 33 प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया. इसमें डीएसडब्ल्यू डॉ पद्माजा सेन डीन, एचओडी, प्रिंसिपल समेत कई शिक्षक शामिल हुए.
कॉलेज पुस्तकालय में किताबों को करें अपडेट
दो दिवसीय कार्यशाला में नैक के सहायक सलाहकार डॉ गणोश हेगड़े, मध्य प्रदेश रीवा के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृत एवं पुरातत्व विभाग के प्रो डॉ सीडी सिंह, पीके राय मेमोरियल कॉलेज धनबाद के प्राचार्य डॉ दीपक कुमार वर्मा आदि शामिल हो रहे है. शिक्षाविदें ने कार्यशाला में भाग लेने वाले कॉलेजों के प्रिंसिपल, डीन, एचओडी व शिक्षक-शिक्षिकाओं को नैक के बारे में विस्तृत जानकारी दी.
उन्हें मूल्यांकन, कॉलेजों में शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं, प्रयोगशाला, पुस्तकालय के महत्व को समझाया. कहा कि पुस्तकालय के किताबों को समय-समय अपडेट करे. यूजीसी कॉलेज को अनुदान राशि देने को तैयार है बशर्ते कॉलेजों को इसके लिए नियम का पालन करना होगा और नैक का ग्रेड हासिल होगा.
