चाईबासा : भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को उपायुक्त को एक आवेदन सौंपा. जिसमें कहा गया कि शहर में अतिक्रमण मुक्त करने के नाम पर भेदभाव किया जा रहा. जिला प्रशासन शहर में घूम-घूम कर धमकी भरे अंदाज में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रचार करवा रहा है, जबकि अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन का मापदंड दोहरा है.
एक तरफ शहर के अंदर जीतने भी मार्केट कॉप्लेक्स, बैंक, शो रूम है वहां उनकी कोई पार्किग व्यवस्था नहीं है, नदी के जमीन को अतिक्रमण कर घर-दुकान बन गये और प्रशासन उन लोगों पर कार्यवाही करना नही चाहता. गरीबों को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ा जा रहा.
बिजली उपलब्ध कराने में सरकार नाकाम : कांग्रेस
चाईबासा : जिला कांग्रेस कमेटी ने चाईबासा में बिजली की लचर व्यवस्था के लिए सरकार को जिम्मेदारी ठहराया और 15 मई को डीवीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन की चेतावनी दी है.
पाताहातु में बीएन पुरती की अध्यक्षता वाली बैठक मे जगदीश सुंडी, सिकुर सुम्बुरूई, चंद्रमोहन, टीकू सावैयां, टाटा बारी, दिलीप बारी आदि उपस्थित थे.
जमीनी स्तर पर रह कर काम करे रघुवर सरकार : बागुन
चाईबासा : रघुवर सरकार जमीनी स्तर पर काम करने के बजाये हवा-हवाई घोषणाबाजी करने में लगी हुई है. पूर्व सांसद बागुन सुम्बरूई ने सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कैबिनेट की बैठक में रघुवर स्थानीय नीति की घोषणा करे.
इस कैबिनेट की बैठक को लेकर यह साफ नहीं है कि केवल कोल्हान स्तर के मुद्दे इसमें रखे जायेंगे या फिर झारखंड स्तर के होंगे. बैठक को लेकर करोड़ों रुपये खर्च तो किये गये लेकिन नतीजे शून्य रहने के आसार दिख रहे है.
