भूमि बैंक : जिले में बड़े अथवा छोटे प्रोजेक्ट के लिए आसान होगी भू-आवंटन प्रक्रिया
पहाड़ों के संरक्षण की दिशा में सरकार गंभीर, उठाये कदम
चाईबासा : कोल्हान प्रमंडल में सरकारी जमीनों का चिह्न्ति किया जायेगा. सुदूर जंगलों से लेकर शहरी इलाकों तक के सभी सरकारी जमीन की मापी कर प्लॉट वाइज चयनित कर उसका डाटा तैयार करने का निर्देश मंगलवार को कोल्हान आयुक्त अरुण ने दिया.
समाहरणालय सभागार में प्रमंडल के सभी सीओ, एडीसी तथा एसडीओ के साथ हुई बैठक में आयुक्त ने सरकारी पहाड़ को भी चिह्न्ति करने का आदेश दिया है. कौन पहाड़ कहां है तथा उस पहाड़ की लंबाई-चौड़ाई कितनी है, इसकी भी मापी कर डाटा बनाने का निर्देश दिया गया है.
पूरे झारखंड में कई जगहों से पहाड़ गायब हो गये हैं. अवैध रूप से पहाड़ की कटाई न हो तो तथा इन पहाड़ों के संरक्षण के उद्देश्य से पहाड़ों को भी चिह्न्ति करने का कमिश्नर ने आदेश दिया है. हाल में कई पहाड़ों के गायब होने की खबर प्रभात खबर में लगातार प्रकाशित हुई थी. किसी भी बड़े या छोटे प्रोजेक्ट पहले से ही जमीन चयनित कर भूमि बैंक में रखना, सरकारी जमीन की चिह्न्ति करने का मकसद है. मौके पर पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां व पूर्वी सिंहभूम जिला के अपर आयुक्त, सभी सीओ उपसिथत थे.
सरकरी जमीन पर अवैध कब्जे का होगा खुलासा
सरकारी जमीनों के चिह्न्ति करने की पहल से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का भी खुलासा होगा. पूरे कोल्हान प्रमंडल में लगातार सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले सामने आते रहे हैं. जमीनों के चिह्न्ति नहीं होने के कारण अभी कोल्हान में सैकड़ों की संख्या में मामले पेंडिंग पड़े हुए है.
ऑनलाइन होगा खतियान, बन रहा डाटा
जैंतगढ़ : जैंतगढ़ लैंपस के अध्यक्ष चंद्रमोहन लागुरी, सचिव चतुभुर्ज प्रधान, किसान मित्र शशिभूषण प्रधान गांव-गांव जाकर डाटाबेस बना रहे है. चंद्रमोहन लागुरी ने बताया सरकार के आदेश पर किसानों को अप टू डेट करने उन्हें ऑन लाइन रिकार्ड करने के लिए डेटा का संकलन किया जा रहा. प्रत्येक किसान की कुल जमीन, आधार नंबर, बैंक पासबुक नंबर के साथ लिंकअप करने की योजना है.
किसानों से खतियान, मालगुजारी की फोटो कॉपी लेकर फार्म भरा जा रहा है. अबतक गोबरगांव, बासकाटा, दलपोसी, कदोकोड़ा, जैंतगढ़, रागामरिया, राजाबासा में काम शुरू हो चुकी है. किसान भी इसमें सहयोग कर रहे है.
