कानून का डर. महुआ को मादक श्रेणी में रखने के विरोध में उतरे विधायक व संघ
चाईबासा : महुआ के फूल को मादक श्रेणी में रखने तथा महुआ का व्यापार करने के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने का व्यापारियों ने मंगलवार को जोरदार विरोध किया. मनोहरपुर विधायक जोबा मांझी, चक्रधरपुर विधायक शशिभूषण सामड, खरसावां विधायक दशरथ गागराई तथा पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा के नेतृत्व में वन उपज व्यापारी संघ का प्रतिनिधिमंडल खिरवाल धर्मशाला से पैदल मार्च करता हुआ डीसी अबुबक्कर सिद्दीख पी मिलने पहुंचा.
डीसी को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि महुआ को मादक की श्रेणी में रखने तथा इसके व्यापार के लिए लाइसेंस प्रक्रिया निर्धारित करने की सूचनाएं आयी है. व्यापारियों ने कहा कि सरकार की ओर से अगर ऐसी कोई प्रक्रिया चल रही है तो हम उसका विरोध करते है.
अगर ऐसा हो रहा है तो सरकार से हम इस कानून को वापस लेने की मांग करते हैं. मांग पूरी नहीं होने पर व्यापारियों ने आंदोलन पर उतरने की भी चेतावनी दी. मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीसी को सौंपा गया. इसमें ऐसे किसी कानून को नहीं बनाने और बनाये जाने की स्थिति में विरोध की चेतावनी दी गयी है. मौके पर संघ के अध्यक्ष विनोद साव, संरक्षक दीपक साव, सचिव अमित रूंगटा तथा कोषाध्यक्ष एकराम हुसैन आदि उपस्थित थे.
महुवा पर किसी तरह का प्रतिबंद्ध गलत : कोड़ा
गुवा. झारखंड सरकार द्वारा महुवा पर लगाये गए प्रतिबंद्ध पर पूर्व मुख्यमंत्री सह जाभासपा सुप्रीमो मधु कोडा ने कड़ा विरोध जताया है. पाताहतु स्थित आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कोड़ा ने बताया कि महुवा एक फल है. जिसे चुनकर तथा बाजारों में बेचकर हजारों परिवार अपना पेट भरते हैं ऐसे में इस कुदरत की देन को बैन करना सर्वथा गलत है. कोड़ा ने कहा कि जभासपा इसके लिए आंदोलन करेगी.
.. नहीं तो माओवादी हो जायेंगे लोग : सामड
चक्रधरपुर विधायक शशिभूषण सामड ने कहा कि महुआ फूल का कारोबार गरीब आदिवासी मूलवासी करते हैं. नये नियम से इनकी जीविका मारी जायेगी. अगर जीविका मारी जायेगी, तो लोग माओवादी ही बनेंगे. इस नियम पर तत्काल रोक लगे.
फाइल रोकने की सीएम से करेंगे मांग : जोबा
मनोहरपुर विधायक जोबा मांझी ने कहा कि इस नियम का फाइल रोकने की सीएम से मांग करेंगी. जरूरी हुआ तो सदन में भी इसका जोरदार विरोध होगा.
इस नियम का जोरदार विरोध होगा : रूंगटा
वन उपज व्यापारी संघ के सचिव अमित रूंगटा ने कहा कि इस नियम का जोरदार विरोध होगा. बाप-दादा के जमाने से इसका व्यापार कर रहे हैं. ऐसा कोई नियम नहीं था. महुआ से केवल शराब ही नहींबनता है.
