West Singbhum News : 20 समपार फाटक बंद होंगे, ब्रिज व अंडरपास बनेंगे : डीआरएम

चक्रधरपुर में डीआरएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विकास कार्यों की जानकारी दी, योजनाएं पूरी होने पर समय पर चलेंगी ट्रेनें, सुरक्षा व संरक्षा पर दिया जा रहा ध्यान

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर रेल मंडल का तेजी से विकास हो रहा है. कार्यों के पूरा होने पर ट्रेनें समय पर चलेंगी. ब्लॉक निर्धारित करने से पहले महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों पर ध्यान दिया जाता है. मुख्य रेल मार्ग पर दो दिशाओं से तीन-तीन रेल लाइनों से ट्रेनें आ रही हैं. इससे मुख्य ट्रैक पर ट्रेनों की भीड़ बढ़ रही है. वहीं ब्लॉक लेकर यार्ड, ट्रैक व ब्रिज पर काम होता है. इस दौरान ट्रैक का सिग्नल सिस्टम काम नहीं करता है. मैनुअल ट्रेनों को संकेत दिया जाता है. जिस वजह से ट्रेनें धीमी गति से चल रही हैं. निकट भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी. यह बातें गुरुवार को डीआरएम तरुण हुरिया ने कही. डीआरएम ने कहा कि रेल मंडल में ट्रेनें एलएचबी कोच में चल रही है. ट्रेनों में 22 कोच से बढ़कर 24 कोच हो गये हैं. इसे देखते हुए प्लेटफार्म की लंबाई भी बढ़ाई गयी है. आदित्यपुर में प्लेटफार्म का काम पूरा हो गया है. फिलहाल एक माह के लिये मेमू ट्रेन को आदित्यपुर से चलाने की स्वीकृति मिली है. जल्द ही आदित्यपुर से कई ट्रेनें चलेंगी. इस वर्ष रेल मंडल में 20 मानव सहित रेल फाटक बंद किये जायेंगे. इसके स्थान पर फ्लाइ ओवर, ब्रिज व अंडरपास बनेगा. इसके लिए रेलवे ने योजना तैयार की है. अंडरपास का काम डेढ़ साल में पूरा हो जायेगा. विगत वर्ष 9 मानव सहित रेल फाटकों पर सब-वे बनाया गया है. रेल मंडल में 10 रेलवे ओवरब्रिज में 8 ब्रिज का काम पूरा हो गया है. दो आरओबी का काम नहीं हुआ है. आधुनिक तकनीकों से विकसित हो रहा है चक्रधरपुर रेल मंडल. ट्रेनों को समय पर चलाना है. इससे कहीं अधिक रेल परिचालन के दौरान सुरक्षा व संरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. टाटानगर में ट्रैक मशीनों से कार्य तेजी से हो रहा है. रेलवे के कंधों पर लाखों लोगों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है. उस पर खरा उतरने का काम रेल मंडल कर रहा है. चक्रधरपुर रेल मंडल में बड़े स्तर पर यार्ड, प्लेटफार्म, ट्रैक, ब्रिज व सिग्नल पर काम हो रहा है. रेल मंडल में सुरक्षित रेल परिचालन के लिए नये डिवाइस लगाये जा रहे हैं. चक्रधरपुर रेल मंडल के झारसुगुड़ा-सरडेगा लाइन में यह डिवाइस लगा है. इस अवसर पर वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य चौधरी, डीसीएम देवराज बनर्जी, वरीय अभियंत्रण अधिकारी, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता एनएम दास, सीनियर डीएमइ राजीव रंजन रसिक, सीनियर डीइएन साउथ मनीष गुप्ता, सीनियर डीपीओ ऋषण सिन्हा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

सरडेगा, झारसुगुड़ा, चांडिल, डांगुवापोसी में लगेगा अलार्म डिवाइस

रेल पोल या रेल सुरंग से वागेन को टकराने से बचाने के लिए रेल मंडल के नौ जगहों पर डाइमेंशन सेट अलार्म डिवाइस लगाया जायेगा. इससे वागेन का साइज बढ़ने या दरवाजा खुला होने पर अलार्म बजेगा. यह डिवाइस सरडेगा, झारसुगुड़ा, चांडिल, डांगुवापोसी व इस्ट कोस्ट रेलवे की तरफ से आने वाली रूट पर लगाया जायेगा.

एसी कोच में धुआं होने पर रुक जायेंगी ट्रेनें

रेलमंडल में एसी कोच के टॉयलेट के आसपास धुआं होने पर ट्रेनें रुक जायेंगी. सभी एसी कोच के चार कॉरिडोर व 4 टॉयलेट में रेलवे द्वारा फॉग डिटेक्टर सिस्टम लगाया गया है. इस सिस्टम में डिवाइस धुआं का पता लगाता है और ट्रेन के चालकों के इंजन में अलार्म बजा देता है. इससे ट्रेन रुक जाती है. रेलवे ने कोच में सिगरेट पीने वालों को सचेत किया है.

सरडेगा रनिंग रूम में आग लगने के मामले की जांच होगी

सरडेगा रनिंग रूम के कीच में आग लगने के मामले पर डीआरएम ने जांच करने का आदेश दिया है. डीआरएम ने कहा कि रनिंग रूम के कीचन में गैस पाइप खराब था. गैस लिक हो रहा था. इससे चिंगारी निकल रही थी.

इस वर्ष 200 किमी ट्रैक की मरम्मत होगी

चक्रधरपुर रेल मंडल 250 किलोमीटर ट्रैक के मेंटेनेंस का काम अब मैन्युअल की बजाय मैकेनाइज्ड हो रहा है. रेल मंडल में प्रतिदिन 4 घंटे का ब्लॉक लेकर 800 मीटर ट्रैक का काम हो रहा है. इस वर्ष 250 किमी ट्रैक मरम्मत की जायेगी. इसके लिये 2 मशीनें लगायी गयी हैं. ट्रैक पर रोजाना सैकड़ों ट्रेन व अनगिनत मालगाड़ियों का परिचालन होता है. सभी बातों को ध्यान में रखते हुए रेल मंडल के ट्रैक की लंबी लाइन की मैकेनाइज्ड मशीनों से मेंटेनेंस कर सुरक्षित परिचालन की ओर कदम बढ़ा रही है.

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Published by: Anuj kumar

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