बारिश भी नहीं रोक पाई महिलाओं का उत्साह, नोवामुंडी की महुदी में 178 नौनिहालों का बना बाल आधार कार्ड

Baal Aadhaar Card: नोवामुंडी के महुदी पंचायत भवन में आयोजित दो दिवसीय विशेष शिविर में लगातार बारिश के बावजूद 178 बच्चों का बाल आधार कार्ड बनाया गया. माताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं के उत्साह से शिविर सफल रहा. सोमवार से कोटगढ़ पंचायत भवन में नया विशेष आधार नामांकन शिविर शुरू होगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Baal Aadhaar Card: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड के महुदी पंचायत भवन में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के आधार कार्ड निर्माण के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष शिविर का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया. लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में माताएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पंचायत भवन पहुंचीं और घंटों इंतजार के बाद आधार नामांकन कराया. बाल विकास परियोजना कार्यालय और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य क्षेत्र के सभी पात्र बच्चों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करना था, ताकि भविष्य में उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके.

दूसरे दिन भी पंचायत भवन में उमड़ी भीड़

शिविर के दूसरे और अंतिम दिन सुबह से ही पंचायत भवन परिसर में काफी चहल-पहल देखने को मिली. विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं अपने-अपने पोषक क्षेत्रों के बच्चों को लेकर शिविर स्थल पहुंचीं. बारिश के बावजूद बच्चों के अभिभावकों का उत्साह कम नहीं हुआ. कई महिलाएं अपने मासूम बच्चों को गोद में लेकर घंटों लाइन में खड़ी रहीं. इससे यह साफ दिखाई दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के बीच आधार कार्ड और सरकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है.

तीन ऑपरेटरों ने संभाली जिम्मेदारी

बच्चों के आधार नामांकन कार्य को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए तीन आधार ऑपरेटरों आलोक भारती, विवेक कुमार वर्मा और मांझी बंकिरा की तैनाती की गयी थी. इन ऑपरेटरों ने बच्चों के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की. पूरे शिविर के दौरान नामांकन कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया, जिससे अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.

बारिश के बीच भी दिखा माताओं का उत्साह

लगातार हो रही बारिश के बावजूद महिलाओं का उत्साह देखने लायक था. कई माताएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर पंचायत भवन पहुंचीं. मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी उन्हें अपने बच्चों का आधार कार्ड बनवाने से नहीं रोक सकीं. दरअसल, ग्रामीण परिवार अब समझने लगे हैं कि भविष्य में अधिकांश सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है. ऐसे में माता-पिता अपने बच्चों का नामांकन समय पर कराने को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं.

दो दिनों में 178 बच्चों का हुआ नामांकन

शिविर के अंतिम दिन कुल 101 बच्चों का आधार नामांकन किया गया. वहीं दो दिनों में कुल 178 बच्चों के आधार कार्ड बनाए गये. इसे प्रशासन और बाल विकास परियोजना विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. शिविर को सफल बनाने में बाल विकास परियोजना सुपरवाइजर सपानीमाई कुदादा की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इसके अलावा आंगनबाड़ी सेविकाएं जयंती बारजो, उमा चक्रवर्ती, बिंदु रजक, बिंदेश्वरी तिग्गा, उपमा नायक, अश्विनी मुंडा, जयंती लागूरी और सविता लागूरी ने फॉर्म भरने और नामांकन कार्य में सक्रिय सहयोग किया.

कोटगढ़ पंचायत भवन में लगेगा अगला विशेष शिविर

प्रखंड प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि कोटगढ़ पंचायत भवन में सोमवार से 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए दो दिवसीय विशेष आधार नामांकन शिविर आयोजित किया जायेगा. जिन बच्चों का अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाया है, उनके अभिभावकों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर नामांकन कराने की अपील की गयी है. यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है.

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सरकारी योजनाओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम

प्रशासन का कहना है कि बाल आधार कार्ड बच्चों को भविष्य की विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. समय पर आधार पंजीकरण होने से बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी. बारिश ने भले ही रास्ते मुश्किल बनाये हों, लेकिन महुदी की माताओं ने यह साबित कर दिया कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी जिम्मेदारियों के सामने मौसम की बाधाएं ज्यादा देर टिक नहीं पातीं. आखिर मां की प्राथमिकताओं के सामने बादल भी ज्यादा देर तक अकड़ नहीं दिखा सकते.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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