चाईबासा/रांची : डीजीपी कमल नयन चौबे ने झारखंड से नक्सलियों का सफाया करने के लिए उनके लेवी कनेक्शन और बाहरी सपोर्ट सिस्टम को तोड़ने का निर्देश पुलिस अफसरों को दिया है. कहा कि इनामी नक्सलियों को टारगेट कर अभियान चलायें. साथ ही झारखंड में सक्रिय छत्तीसगढ़ के नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है. डीजीपी बुधवार को चाईबासा स्थित पुलिस सभागार में कोल्हान और रांची रेंज के पुलिस अफसरों के साथ बैठक में बोल रहे थे.
डीजीपी ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र व आसपास के गांवों में पुलिस-पब्लिक रिलेशन बेहतर करने पर जोर दिया. नक्सलियों के खिलाफ चौतरफा वार की रणनीति पर काम करने को कहा. यह भी कहा कि नक्सली ऑपरेशन के लिए तैनात जवानों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है. जवानों को स्टैटिक फोर्स बना कर रखा जा रहा है. इसलिए एसपी व कमांडेंट संयुक्त बैठक करें. नक्सली क्षेत्र में नियमित मूवमेंट करायें. उन्होंने तीनों जिले के पदाधिकारियों से नक्सल गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली.
सभी थानों में एक महिला सिपाही की प्रतिनियुक्ति होगी : डीजीपी ने अपराध नियंत्रण के लिए हर थाने में एक महिला सिपाही की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया. साथ ही थाने में आनेवाली शिकायत की तीन प्रति बनाने को कहा. एक प्रति शिकायतकर्ता को, दूसरी प्रति थाना के पदाधिकारी और तीसरी प्रति कंट्रोल रूम के डीएसपी को देने का आदेश दिया. शिकायतों की समीक्षा हर माह होगी.
सुरक्षा दें ताकि वोटर निर्भीक होकर वोट दे सकें : डीजीपी ने राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रत्येक बूथ पर पारा मिलिट्री, झारखंड पुलिस व आइआरबी के सशस्त्र जवानों को तैनात करने की बात कही. हर बूथ पर पर्याप्त संख्या में बल तैनात करने और नक्सल प्रभावित जिलों से सटे सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी व विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया. ताकि चुनाव के दिन वोटर निर्भीक होकर वोट करें.
बैठक में स्पेशल ब्रांच के एडीजी अजय कुमार सिंह, नक्सली अभियान के एडीजी एमएल मीना, सीआरपीएफ के आइजी संजय लाठकर, एसटीएफ के डीआइजी साकेत कुमार सिंह, कोल्हान डीआइजी कुलदीप द्विवेदी, रांची के डीआइजी एवी होमकर, पश्चिमी सिंहभूम एसपी इंद्रजीत महथा, सरायकेला एसपी कार्तिक एस, जमशेदपुर एसएसपी अनूप कुमार, खूंटी एसपी आशुतोष शेखर आदि उपस्थित थे.
