फटी ड्रेस व नंगे पांव स्कूल में आने को विवश हैं विद्यार्थी

पश्चिम सिंहभूम : ड्रेस व किट की राशि अबतक खाते में नहीं पहुंची कई बच्चों का केवाइसी नहीं होने से ड्रेस की राशि रुकी अधिकतर स्कूलों ने जिले को नहीं भेजी बच्चों की संख्या चाईबासा : सरकारी योजनाओं में लेटलतीफी कोई नयी बात नहीं है. इसका खामियाजा पश्चिम सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चों […]

पश्चिम सिंहभूम : ड्रेस व किट की राशि अबतक खाते में नहीं पहुंची

कई बच्चों का केवाइसी नहीं होने से ड्रेस की राशि रुकी
अधिकतर स्कूलों ने जिले को नहीं भेजी बच्चों की संख्या
चाईबासा : सरकारी योजनाओं में लेटलतीफी कोई नयी बात नहीं है. इसका खामियाजा पश्चिम सिंहभूम जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. दरअसल जिले के सरकारी स्कूलों में तीन लाख बच्चे हैं. उनके खाते में ड्रेस व किट की राशि नहीं पहुंची है. ऐसे में कई गरीब विद्यार्थी फटी ड्रेस व नंगे पांव स्कूल जाने को विवश हैं.
गर्मी छुट्टी के बाद बच्चों को किताबें मिलीं. 60 प्रतिशत विद्यार्थियों के खातों में ड्रेस का पैसा नहीं पहुंचा है. पिछले साल प्रति बच्चे के खाते में 400 रुपये डाले गये थे. इस बार प्रति छात्र 600 रुपये डाले गये हैं. इनसे बच्चों को दो-दो जोड़ी ड्रेस बनाई जानी है. शिक्षा विभाग के मुताबिक जिन बच्चे ने अपने खाता का केवाइसी नहीं किया है, सिर्फ वहीं बच्चों के खातों में पैसा रोका गया है. केवाइसी कराने को लेकर सभी स्कूल के प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया गया है.
किट : प्रावि के बच्चे को 590 व मवि के बच्चों को 715 रुपये मिलते हैं
किट के लिए प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को 590 व मध्य विद्यालय के बच्चों को 715 रुपये मिलते हैं. शिक्षा विभाग सीधे खाते में पैसे भेजता है. विभाग ने किट का पैसा नहीं भेजा है. इसके कारण कई विद्यार्थी बैग, जूता, मोजा इत्यादि खरीद नहीं पा रहे है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >