घोटाले के लगते रहे आरोप, मिलता रहा प्रभार
चाईबासा : आयुक्त कार्यालय में पदस्थापित नाजिर संतोष कुमार सुमन को उपायुक्त अबुबक्कर सिद्दीक पी ने सोमवार को निलंबित कर दिया. नाजिर पर 10 लाख रुपये से अधिक राशि के गबन का आरोप है. उसके खिलाफ अब तक लगे आरोपों की जांच के लिए उपायुक्त ने एडीसी की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया.
दरअसल संतोष कुमार सुमन ने पहले गोइलकेरा व नोवामुंडी में बतौर नाजिर दो लाख रुपये का समायोजन नहीं किया. मामले में आरोप भी तय हुआ, पर कार्रवाई न होकर उसे 2010 में तांतनगर प्रखंड का नाजिर बना दिया गया. यहां भी सुमन पर आठ लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे. पर, कार्रवाई न होकर उसकी नियुक्ति कमिश्नर ऑफिस में कर दी गयी.
यहां सुमन पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे तब प्रशासन की नींद टूटी. आनन-फानन में उपायुक्त अबुबक्कर सिद्दीक पी ने सोमवार को नाजिर को निलंबित करने का आदेश दिया. तांतनगर में वित्तीय अनियमितता के मामले में बड़ा बाबू रतन कुमार से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है. सुमन के तांतनगर और नोवामुंडी में नाजिर का प्रभार संभालने के दौरान तात्कालिन नाजिर के साथ पद का किये गये आदान-प्रदान की भी जांच करने का भी आदेश उपायुक्त ने दिया है.
