राजगंज : इंटर साइंस में असफलता का स्वाद चख चुका मो रियासत अली (27) अपने अनूठे प्रयोगों से इन दिनों चर्चा में है. हालांकि यह चर्चा उसे सोमवार को राजगंज थाने की दर तक पहुंचा दी.
हसरतों की उड़ान भर रहे इस इलेक्ट्रिकल मिस्त्री के प्रयोग का लोहा पुलिस वालों को भी मानना पड़ा. रात गहराते-गहराते रियासत को पुन: थाने बुलवा पूरे सम्मान के साथ उसका विमान वापस कर दिया. थाना प्रभारी उमेश प्रसाद कहते हैं, ‘लोगों की शिकायत पर हमने विमान की पूरी जांच की है. कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली. रियासत का प्रयोग काबिले-तारीफ है.’
जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर ऐतिहासिक ग्रांड ट्रंक रोड के किनारे स्थित राजगंज के थानाकुल्ही का रहने वाला यह अविवाहित युवा जुनून का इस कदर पक्का है कि आठ वर्षों के लंबे शोध व दो माह की कड़ी मेहनत के बाद फाइटर जेट एफ 22 टाइप का वर्किंग मॉडल बना डाला. रियासत कहता है, ‘मेरा प्रयोग सिर्फ लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना भर नहीं है. मैं समाज को कुछ देना चाहता हूं.
विमान का वजन दो किलोग्राम है. निर्माण पर लगभग 35,000 रुपये की लागत आयी है. ढाई फीट चौड़ा व ढाई फीट लंबा वर्किंग विमान लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ान भर सकता है. यह लगभग 700 फीट की ऊंचाई पर उड़ता है. रिमोट संचालित विमान को 500 फीट से ऑपरेट किया जाता है.
