चाईबासा : चाईबासा के जेएमपी रेलवे फाटक के पास चाईबासा-हाता-तिरिंग मार्ग पर बन रहे रेल ओवरब्रिज को लेकर शुक्रवार को हुई बैठक में जमीन देने के बाद रैयतों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया. सामाजिक प्रभाव आकलन के तहत रैयतों को मिलनेवाले मुआवजे और उसकी प्रक्रिया पर चर्चा हुई. रैयतों की ओर से खप्परसाई, अमरडीहा के मुंडा तथा वार्ड पार्षद राजेश सिंहदेव व गंगा करुआ ने पक्ष रखा. जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के समक्ष रैयतों के साथ-साथ उनके मकान में किराये पर दुकान करने वालों के लिए भी मुआवजे का प्रस्ताव रखा गया,जिसे प्रशासन ने खारिज कर दिया. बैठक में मुआवजे के भुगतान के बाद ही जमीन अधिग्रहण की बात कही गयी.
वंशावली का सत्यापन कराकर जमा करने की बात भू-अर्जन पदाधिकारी ने रैयतों से की. ओरिजिनल नक्शा नहीं मिलने के कारण जहां मापी में परेशानी आ रही थी, उनके हल हो जाने की जानकारी भी दी गयी. बताया गया कि ओरिजिनल नक्शा मिल गया है. दुबारा मापी कराने तथा सत्यापित वंशावली जमा करने की तिथि शीघ्र घोषित की जायेगी.
