यूजी की परीक्षा फरवरी के दूसरे हफ्ते में आयोजित होगी
परीक्षा बोर्ड की बैठक, 5 शोधार्थियों के पीएचडी पर मुहर
चाईबासा : कोल्हान विवि में साइबर क्राइम के मामले को गंभीरता लेते हुए एफआइआर दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है. गुरुवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई परीक्षा बोर्ड की बैठक में कहा गया कि ऐसी घटना अपराध की श्रेणी में आती है तथा विवि ऐसे बदमाश लोगों के खिलाफ है. इस तरह विद्यार्थियों को भ्रमित किया गया है. ज्ञात हो कि बीटेक के पांचवें व सातवें सेमेस्टर की परीक्षा के कार्यक्रम में किसी ने छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. कुलपति ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इसमें अब पुलिस अपना कार्य करेगी. इसके अलावा बैठक में अन्य अनेक मुद्दों पर भी विचार विमर्श हुआ.
इसमें स्नातक पार्ट वन की परीक्षा फरवरी के पहले सप्ताह में कराने का निर्णय लिया गया. वहीं सप्लिमेंट्री परीक्षा जनवरी के अंतिम सप्ताह तक लेने की बात की गयी. कॉलेजों को इसकी तैयारी करने को कहा गया. साथ ही कॉलेजों को परीक्षा में कदाचार न हो, इसको लेकर प्रशासन गंभीरता से रहें. इस दौरान कई विद्यार्थियों ने पुनर्परीक्षा लेने और मूल्यांकन के लिए आवेदन दिया था, जिसे बोर्ड ने खारिज कर दिया. बैठक में मुख्य रूप से परीक्षा नियंत्रक डॉ पीके पाणी, कॉमर्स डीन डॉ राम प्रवेश प्रसाद, मानविकी डीन डॉ एसपी मंडल, कुलसचिव डॉ एसएन सिंह, प्रॉक्टर डॉ एके झा समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे.
पांच को पीएचडी अवार्ड करने पर लगी मुहर
परीक्षा बोर्ड की बैठक में पांच शोधार्थियों के शोधपत्र पर पीएचडी अवार्ड करने पर फाइनल मुहर लगा दी है. इसमें उर्दू विषय की राफिया बेगम, अंग्रेजी की सरिता कुमारी, मनोविज्ञान की सरिता श्रीवास्तव, हिंदी की लता कुमारी व उदय प्रताप सिन्हा शामिल हैं. सभी शोधार्थी फाइनल वाइवा में पास कर चुके हैं.
