बीमारियों से मरते रहे जानवर खजाने में पड़ा रहा ‍Rs 3.17 लाख

पशुपालन विभाग अब सरकार के पास जमा करायेगी रकम इलाज के अभाव में पोखरपी व पासेया में हुई थी 25 बकरियों की मौत चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम में अज्ञात बीमारी व अन्य बीमारियों के कारण जानवरों के मौत होने तथा उनकी स्वास्थ्य लगातार खराब होती रही है. पशुपालन विभाग पर पशुओं के स्वास्थ्य जांच करने […]

पशुपालन विभाग अब सरकार के पास जमा करायेगी रकम

इलाज के अभाव में पोखरपी व पासेया में हुई थी 25 बकरियों की मौत

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम में अज्ञात बीमारी व अन्य बीमारियों के कारण जानवरों के मौत होने तथा उनकी स्वास्थ्य लगातार खराब होती रही है. पशुपालन विभाग पर पशुओं के स्वास्थ्य जांच करने की जिम्मेवारी है. कम से कम माह में दो बार अलग-अलग हिस्सों में पशुपालन विभाग को शिविर लगाकर पशुओं की स्वास्थ्य की जांच करने का सरकार से आदेश है. संसाधनों की कमी बताकर पशुपालन विभाग की ओर से जिले में काफी कम मात्रा में पशु स्वास्थ्य जांच शिविर लगाये गये. जबकि पशुपालन विभाग के खजाने में 3 लाख 17 हजार रुपये पड़े रह गये.

तांतनगर व नोवामुंडी में अज्ञात बीमारी से हुई थी बकरी की मौत

हाल में तांतनगर व नोवामुंडी में अज्ञात बीमारी से बकरियों की मौत हो गयी थी. नोवामुंडी के पोखरपी में 19 तथा पासेय में छह बकरियों की मौत हुई थी. बकरियों की मौत होने के बाद जांच शिविर लगाकर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच की गयी थी.

सरकार को 3.17 लाख रुपये वापस करेगा पशुपालन विभाग

पशुपालन विभाग के पास खजाने में 3.17 लाख रुपये पड़े रहे. इसी बीच सरकार ने खर्च नहीं की जा सकने वाली राशि को बैंक से निकालकर ट्रेजरी में जमा करने का आदेश जारी कर दिया. सरकार के इस आदेश के आलोक में पशुपालन विभाग की ओर से अब 3.17 लाख रुपये वापस किये जा रहे हैं. पशुपालन विभाग ने इस राशि को वापस लौटने की रिपोर्ट भी उपायुक्त को भेज दी है. इस राशि का चिकित्सा शिविरों, पशुओं के स्वास्थ्य सुधार आदि पर खर्च किया जा सकता था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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