जंगल में दो दर्जन नये प्वाइंटों से नक्सलियों पर टारगेट करेगी पुलिस
मुठभेड़ के दौरान अब रास्ते की जानकारी से नहीं भाग सकेंगे माओवादी
चाईबासा : सारंडा, कोल्हान व पोड़ाहाट जंगल में सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ अब पुलिस बड़े ऑपरेशन की तैयारी में है. इसे लेकर पुलिस ने अपनी कमजोर कड़ी और नक्सलियों की मजबूत कड़ी पर होम वर्क किया है. इस दौरान पाया गया कि जंगल में रास्ते की जानकारी होना नक्सलियों की मजबूत कड़ी है. पुलिस यहीं पर नक्सलियों से गच्चा खा जाती है. रास्ते की जानकारी होने के कारण मुठभेड़ या जंगल में घिर जाने के बाद भी नक्सली भाग जाते हैं. नक्सलियों की इस मजबूत कड़ी का पुलिस ने काट खोज लिया है.
पुलिस ने जंगल के अंदर लगभग 25 प्वाइंट चिह्नित किये हैं, जहां से नक्सलियों के भागने की संभावना है. इन सभी प्वाइंटों की घेराबंदी कर पुलिस जंगल के अंदर घुसेगी. जंगल के चप्पे-चप्पे में सर्च अभियान चलाकर नक्सलियों को पकड़ने का एक सूत्री कार्यक्रम चलेगा. अपने बिल से निकलकर भागने वाले नक्सलियों को पुलिस उनके भागने वाले रास्ते में दबोच लेगी. ऐसे में पुलिस की गोली खानी होगी या सरेंडर करना होगा, इसी फॉर्मूले पर पुलिस बड़े ऑपरेशन की तैयारी में है. वरीय अफसरों ने इस प्लान पर हरी झंडी दे दी है.
भागने के लिए पानी स्रोतों का उपयोग करते हैं नक्सली : जंगल में जमीन पर पुलिस कड़ी नाकेबंदी करेगी. पुलिस को सूचना है कि नक्सली कई बार भागने या छिपने के लिए पानी स्रोतों का उपयोग करते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए कई जल स्रोतों पर पुलिस की कड़ी नजर होगी. पानी स्रोतों पर भी पुलिस एक्शन मोड में रहेगी. जरा सी हलचल होने पर पुलिसिया कार्रवाई शुरू हो जायेगी.
हाइटेक तकनीक से नक्सलियों के मूवमेंट पर नजर रखेगी फोर्स
जंगल में नये हाइटेक तकनीक लगाये जा रहे हैं. इन हाइटेक तकनीकों से फोर्स नक्सलियों के प्रतिदिन की मूवमेंट पर नजर रखेगी. प्रतिदिन मूवमेंट फॉर्मूले का ट्रायल हो चुका है. इस फॉर्मूले से नक्सली संदीप दा की गिरफ्तारी हुई थी. जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस नक्सली कैंप को ध्वस्त करते हुए आगे बढ़ेगी.
नक्सलियों के भाग निकलने वाले रास्तों की पहचान कर सख्त पहरा लगाने के प्लान पर पुलिस कार्य कर रही है. क्षेत्र में नक्सली समस्या को जल्द समाप्त किया जा सके.
– अनीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम
