आनंदपुर. अंगूठा मैच नहीं करने से कार्डधारियों की बढ़ी परेशानी
आनंदपुर
मनमर्जी अनाज का वितरण कर रहे डीलर
गरीब कार्डधारी लगा रहे हैं कार्यालय का चक्कर
मनोहरपुर : आनंदपुर प्रखंड में राशन कार्ड बनाने में बड़े पैमानी पर लापरवाही हुई है. एक ओर राशन कार्ड बनाने में लापरवाही तो दूसरी ओर डीलरों द्वारा मनमर्जी अनाज बांटे जाने से आनंदपुर के कार्डधारी परेशान हैं. ई-पॉश मशीन से अंगूठा नहीं मिलने के कारण भी सैकड़ों कार्डधारियों को अनाज नहीं मिल पा रहा है. ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद भी अधिसंख्य कार्डधारियों का कार्ड नहीं बन सका है. राशन डीलरों द्वारा निर्धारित मात्रा से कम राशन देने की वजह से भी कार्डधारियों में रोष है.
किसी को 10 माह से तो किसी को चार-चार माह का अनाज नहीं मिला है. इन लोगों में कई अत्यंत गरीब परिवार भी है. जो, पूरी तरह से जनवितरण प्रणाली की ओर से दिये अनाज पर आश्रित हैं. ऐसे परिवारों पर भोजन की भी आफत पड़ गयी है. आनंदपुर के बेड़ातुलुंड़ा गांव में समस्या काफी गहरा गयी है.
10 महीने से राशन नहीं मिल रहा है. डीलर ने कहा कि तुमको राशन नहीं मिलेगा. पूछने पर कोई कारण नहीं बताया और राशन कार्ड भी डीलर ने रख लिया. काफी मांगने पर एक माह पहले राशन कार्ड वापस दिया है. बेड़ातुलुंडा में पीडीएस दुकान महिला समिति के नाम पर है, लेकिन दुकान का संचालन बलराम सिंह उर्फ टुलू द्वारा किया जाता है.
दानियल, बेड़ातुलुंडा
डीलर द्वारा कार्ड में गड़बड़ी होने की बात कही गयी थी. इस पर बलराम सिंह उर्फ टुलू को 100 रुपया कार्ड सुधरवाने के लिए दिया था. फिर भी राशन नहीं मिला. ई-पोस मशीन में अंगूठा भी नहीं लगाने देता है.
दानियल तुरी, गंझू टोला, बेड़ातुलुंडा
पास राशन कार्ड नहीं है. ऑनलाइन आवेदन किया तो, उसमें राशन मिलने की पुष्टि हो रही है. ऑनलाइन आवेदन में मेरे आधार कार्ड संख्या व बैंक खाता संख्या की सीडिंग हो गयी है. नया कार्ड नहीं बनने के कारण ऑनलाइन आवेदन किया था, किंतु अब तक राशन कार्ड नहीं बना है.
-लालू सिंह, बेड़ातुलुंडा.
राशन नहीं मिलने से कई तरह की परेशानी होती है. किसी तरह से गुजर बसर होता है. थोड़ी बहुत खेती है जिससे परिवार मुश्किल से ही चल पा रहा है. राशन मिलने से काफी सहारा मिलता था.
लालू सिंह, बेड़ातुलुंडा
राशन कार्ड रहने के बावजूद राशन नहीं मिलता है. पीडीएस दुकानदार ने बताया कि मशीन में उनका अंगूठा मैच नहीं करने के कारण पर्ची नहीं निकलता है. पांच बेटियों की शादी के बाद मैं अकेले रहता हूं.
-फिलिप मानकी, आनंदपुर, बेडाइचिंडा
मैं नि:शक्त हूं. मेरा नाम राशन लिस्ट से काट दिया गया. इसकी शिकायत करने पर डीलर ने मुखिया एवं आपूर्ति पदाधिकारी को आवेदन देने को कहा है. लाल कार्ड बनने के बाद कुछ समय तक राशन मिल रहा था. एक बार राशन लेने गया तो दुकानदार ने कहा कि मेरा नाम काट दिया गया है. मैंने अपनी विकलांगता की दुहाई दी. लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई.
सुकरु साहू, आनंदपुर
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