चाईबासा : चाईबासा गुरुद्वारा में शनिवार को श्री गुरु नानक देवजी का 549वां प्रकाशोत्सव पूर्ण श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया. समारोह में केशरगढ़िया, झींकपानी, केंदपोसी एवं राज-खरसावां के सिख समुदाय के अलावा अन्य धर्मावलंबियों ने भी भाग लिया. प्रकाशोत्सव की शुरुआत 29 अक्तूबर को प्रभातफेरी से हुई. 2 नवबंर को गुरुद्वारा में श्री […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चाईबासा : चाईबासा गुरुद्वारा में शनिवार को श्री गुरु नानक देवजी का 549वां प्रकाशोत्सव पूर्ण श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया. समारोह में केशरगढ़िया, झींकपानी, केंदपोसी एवं राज-खरसावां के सिख समुदाय के अलावा अन्य धर्मावलंबियों ने भी भाग लिया. प्रकाशोत्सव की शुरुआत 29 अक्तूबर को प्रभातफेरी से हुई.
2 नवबंर को गुरुद्वारा में श्री गुरुग्रंथ साहब का अखंड पाठ प्रारंभ हुआ, जो शनिवार सुबह 11:00 बजे संपन्न हुआ. गुरुसिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने साध संगत को प्रकाश पर्व की बधाइयां दी. उन्होंने कहा कि ‘सतगुरु नानक परगटिया, मिटी धुंध जग चानण होआ’ अर्थात् जिस समय गुरुनानक देव जी का पदार्पण हुआ, उस समय अंधविश्वासों की धुंध छायी हुई थी, मानवता तंग आयी हुई थी. उन्होंने पूरी मानवता को इनसे मुक्ति दिलायी.
निशान साहब का बदला चोला
अखंड पाठ की समाप्ति के बाद निशान साहिब का चोला बदला गया. अखंड पाठ बिजनौर (यूपी) से अमनदीप सिंह, हरभजन सिंह, बिजेंद्र सिंह तथा मनजीत सिंह ने किया. स्त्री सत्संग सभा चाईबासा व छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों ने कविता पाठ किया. उसके बाद सामूहिक अरदास की गयी. स्त्री सत्संग सभा द्वारा रात्रि में सबद कीर्तन कर लंगर भी लगा.
एक हजार लोगों ने छका लंगर
सामूहिक अरदास के बाद गुरुद्वारा परिसर में लंगर लगा. जिसमें हजारों लोगों ने लंगर छका. सुरिन्दर सिंह वालिया, बलजीत सिंह खोखर, जसपाल सिंह, बलदेव सिंह, साधू सिंह ने लंगर की देख-रेख की जिम्मेदारी निभायी. इस अवसर पर जगजीत सिंह, सरजीत सिंह खोखर, जसवीर सिंह, रौनक सिंह खोखर, सरजीत सिंह मरवाह, दीपक सिंह अड़ी, रौशन सिंह खोखर, जोधवीर सिंह, गुरिंदर पाल सिंह, गगनदीप सिंह, इंदरजीत सिंह समेत काफी लोग उपस्थित थे.