बड़बिल : बड़बिल नगरपालिका के वार्ड नंबर चार निवासी इंजीनियर सुनील कुमार यादव (30) का शव कर्नाटक के मैंगलुरु शहर से आठ किलोमीटर दूर मुल्की थाना क्षेत्र में एक रेलवे ट्रैक के पास लहूलुहान अवस्था में मिला है. कमलाकांत यादव का पुत्र सुनील आइआइटी खडगपुर से एमटेक था और जर्मनी के हाइडेलबर्ग यूनिवर्सिटी में कार्यरत था. परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जतायी है.
बड़बिल के इंजीनियर की मैंगलुरु में हत्या
बड़बिल : बड़बिल नगरपालिका के वार्ड नंबर चार निवासी इंजीनियर सुनील कुमार यादव (30) का शव कर्नाटक के मैंगलुरु शहर से आठ किलोमीटर दूर मुल्की थाना क्षेत्र में एक रेलवे ट्रैक के पास लहूलुहान अवस्था में मिला है. कमलाकांत यादव का पुत्र सुनील आइआइटी खडगपुर से एमटेक था और जर्मनी के हाइडेलबर्ग यूनिवर्सिटी में कार्यरत […]

बताया जा रहा है कि सुनील का फोन 15 अक्तूबर से ही बंद था. 18 अक्तूबर को रेलवे पुलिस को उसका शव मिला. रेलवे पुलिस ने शव को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया था. मुल्की पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शनिवार शाम
बड़बिल पुलिस को शव की तस्वीर भेजी, जिसकी पहचान सुनील के पिता ने अपने पुत्र के रूप में की. तस्वीर में सुनील की छाती और गर्दन में बड़ी मात्रा में खून लगा हुआ दिख रहा है. उसकी गरदन टूटी हुई लग रही है. जीभ मुंह से बाहर निकला हुआ है. अनुमान लगाया जा रहा है कि फंदे से लटकाकर हत्या के बाद सुनील का शव रेलमार्ग पर फेंक दिया गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद सुनील के पिता शव लाने के लिए मैंगलुरु रवाना हो गये.
15 अक्तूबर को हुई थी मां से आखिरी बार बात : प्राप्त जानकारी के खड़गपुर आइआइटी से एमटेक के बाद कैंपस सेलेक्शन में जर्मनी की हाइडेलबर्ग यूनिवर्सिटी में हेल्थ लाइन होस्ट पद पर सुनील की नियुक्ति हुई थी. गत आठ जुलाई को सुनील जर्मनी गया था और वहां करीब 20 दिन रुकने के बाद दिल्ली लौट आया था. इसके बाद दिल्ली में रहकर ही वह कंपनी के लिए काम कर रहा था. काम के सिलसिले में उसे मैंगलुरु, चेन्नई आदि बड़े शहरों में जाना होता था.
अपने ऑफिशियल टूर के दौरान वह अपनी मां कुंती देवी से फोन पर संपर्क में रहता था. 15 अक्टूबर को सुनील और उसकी मां के बीच आखिरी बातचीत हुई थी. उसके बाद से सुनील का मोबाइल बंद बता रहा था. उसके बाद हर दिन उनकी मां कोशिश कर रही थी लेकिन बात नहीं हो पायी.