16 अक्तूबर को ट्रेन से गिरने के कारण हुई थी मौत
गोइलकेरा में फुटबॉल प्रतियोगिता में रेफरी के लिए गया था
वापस लौटने के दौरान हुई दुर्घटना, शुरू में इंतजार करते रहे परिजन
21 अक्तूबर को कारू मार्डी का साला गोइलकेरा थाना पहुंचा
जमशेदपुर स्थित करनडीह के सरजमटोला गांव निवासी था
चक्रधरपुर : लावारिस समझ कर चक्रधरपुर अनुमंडल प्रबंधन ने एक शव को दफना दिया. जबकि मृत्यु के आठ दिन बाद परिजन अस्पताल पहुंचे. तब तक शव दफनाये हुए चार दिन बीत चुके थे. जानकारी के मुताबिक जमशेदपुर स्थित करनडीह के सरजमटोला गांव निवासी कारू मार्डी (40) 14 अक्तूबर को गोइलकेरा के डेरूवां में आयोजित दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता में रेफरी के लिए गया था. वापस घर लौटने के क्रम में 16 अक्तूबर को ट्रेन से गिर कर कारू मार्डी की मौत हो गयी.
इसकी सूचना परिजनों को नहीं थी. जिस कारण परिजन कारू के लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की. 21 अक्तूबर को कारू मार्डी के साला नीमू चरण हांसदा व उसके दोस्त लखन बास्के गोइलकेरा थाना पहुंचे. वहां पता चला कि 16 अक्तूबर को ट्रेन में हुई दुर्घटना में कारू मार्डी की मौत हो गयी है. जिसके बाद साला नीमू चरण हांसदा व लखन बास्के चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचे. तब तक कारू मार्डी के शव को अस्पताल प्रबंधन ने दफना दिया था. खबर सुनने के बाद पंसस जयकुमार सिंहदेव, झामुमो नेता पोरेश मंडल व भीमसेन होनहागा ने वार्ता कर पोस्टमार्टम के बारे में जानकारी दी.
दो दिन तक अस्पताल में रखा गया था शव : कृष्णा मुखी
पोस्टमार्टम कर्मी कृष्णा मुखी ने कहा कि 16 अक्तूबर को लावारिस शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचा था. शव को पोस्टमार्टम करके दो दिन तक अस्पताल में ही रखा गया. लेकिन कोई भी शव को लेने नहीं आया. शव से बदबू आ रही थी, तो उसे भलियाकुदर में दफना दिया गया.
कारू मार्डी का एक बेटा व एक बेटी है : नीमू चरण
स्व. कारू मार्डी के साला नीमू चरण हांसदा ने कहा कि कारू मार्डी फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी थी. वे प्रतियोगिता में रेफरी का काम करके अपना परिवार चलाता थे. उसका एक लड़की गुलिया मार्डी (8) व एक लड़का कपरा मार्डी (6) है.
