दो नक्सली समर्थकों की हत्या के बाद हिरासत में लिए गये कुछ लोग
चाईबासा/नोवामुंडी : माओवादियों ने जन अदालत में जिन दो ग्रामीणों को गोलियों से भूना डाला, वे दोनों ही नक्सली समर्थक बताये जा रहें है. नक्सलियों की इस कार्रवाई से पुलिस सकते में है. पुलिस सूत्रों की माने तो मारे जाने वाले चोड़े सिरका व सोनाराम सिरका तथा फरार कुनु सिरका नक्सली समर्थक है. ये तीनों काफी दिनों से पुलिस की रडार पर थे, लेकिन ठोस सबूत नहीं होने के कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही थी. इधर, इस बीच ऐसा क्या हो गया कि तीनों को नक्सलियों ने ही टारगेट बना लिया. इनके खिलाफ जन अदालत लगायी. पुलिस मुखबिर बताकर सरेआम दो को गोलियों से भून डाला.
मामले की तफ्तीश कर रही पुलिस ने संदेह के आधार पर कई नक्सली समर्थकों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया है. अब तक जो बात सामने आ रही है, उसके मुताबिक नक्सली समर्थकों के बीच वर्चस्व की होड़ में उक्त घटना हुई है. पिछले दिनों पुलिस द्वारा इसी क्षेत्र में कुख्यात नक्सली संदीप दा को घेरे जाने के बाद नक्सली दस्ते को संदेह था कि किसी ने पुलिस को उनके यहां होने की सूचना दी थी.
नक्सलियों के इसी संदेह का लाभ उठाकर संगठन के अन्य समर्थकों में से किसी ने इन तीनों के खिलाफ संगठन को शिकायत थी. इस कारण इन तीनों की हत्या किये जाने की ग्रामीण भी चर्चा कर रहें है.
मारे गये दोनों ग्रामीण नक्सली समर्थक थे. उन्हें संगठन ने क्यों मारा, इसकी जांच की जा रही है. कुछ नक्सली समर्थकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
अनीश गुप्ता, एसपी पश्चिम सिंहभूम
ओड़िशा व कोल्हान-पोड़ाहाट से सारंडा में घुसी चार टुकड़ियां
सारंडा, कोल्हान व पोड़ाहाट वन प्रमंडल के जंगलों में नक्सली संगठन एक बार फिर अपना दबदबा कायम करने के फिराक में है. इसके लिए ओड़िशा व कोल्हान तथा पोड़ाहाट के बिहड़ जंगलों के रास्ते से सारंडा के लिए चार दस्तों के घुसने की खबर है. इसमें संदीप दा, अनमोल उर्फ समरजी उर्फ लालचंद हेंब्रम, जीवन कंडुलना उर्फ मेहनत उर्फ मोछू का दस्ता बताया जा रहा है. उधर, हमसदा में दो ग्रामीणों को गोली मार कर हत्या की घटना से ग्रामीण खौफजदा हैं.
