पुराना आलमीरा मरम्मत करने के लिए दिया गया था रिलैक्स फर्नीचर के मालिक कासिफ रजा प्रिंस को
ढाई लाख का सोना कुमारडुंगी निवासी वंशीधर नायक को लौटाया
चक्रधरपुर : ईमानदारी की एक मिसाल शनिवार को चक्रधरपुर में देखने को मिली. हुआ यूं कि एक सप्ताह पहले कुमारडुंगी के छोटा रायखमन गांव निवासी वंशीधर नायक ने चक्रधरपुर के रिलैक्स फर्नीचर के मालिक कासिफ रजा प्रिंस को अपना पुराना अलमीरा मरम्मत करने के लिए दिया था. उस अलमीरा के सैफ चैंबर में करीब ढाई लाख रुपये सोने के जेवरात थे. जिस दिन अलमीरा रिलैक्स फर्नीचर पहुंचा, उसके तीन दिनों तक दुकान के बाहर अलमीरा पड़ा हुआ था. अलमीरा खुला था. तीन दिनों बाद जब मैकेनिक ने अलमीरा की मरम्मत काम शुरू की, तो सैफ चैंबर में सोने के 6 जेवरात थे. उसमें सोने का गला का हार, तीन कान का झुमका,
एक कान का रिंग तथा चांदी का एक बिछिया शामिल था. जिनकी कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपये है. जेवरात की जानकारी जब दुकान मालिक प्रिंस के चाचा समाजसेवी मुजीबुर्रब को मिली तो उन्होंंने सभी जेवरात को अपने कब्जे में ले लिया और अलमीरा के मालिक कुमारडुंगी निवासी वंशीधर नायक को सूचना दी. शनिवार को वंधीधर अपने साथी रमेश गोप के साथ चक्रधरपुर पहुंचे और जेवरात को वापस लिया.
हमें याद नहीं था कि आलमीरा में सोना का है जेवरात : वंशीधर
वंशीधर ने कहा हमें याद भी नहीं था कि अलमीरा में सोना का जेवरात है. यह तो ईमानदारी है प्रिंस व मुजीबुर्रब साहब का जिन्होंने सभी जेवरात सुरक्षित तरीके से वापस लौटा दिया.
हम हराम समझते हैं ऐसी दौलत को : प्रिंस
दुकान के मालिक प्रिंस ने कहा इसलाम में ऐसी दौलत को हराम कहा गया है. हमने अपना फर्ज निभाया और जिसकी अमानत थी, उसे वापस लौटा दिया है. नाजायज कमाई को हम हमेशा हराम समझते हैं.
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