कौशल विकास योजना के तहत आइटीआइ पास छात्र-छात्राएं बने लाचार
नोवामुंडी : मंगलवार को आइटीआइ डिग्रीधारी छात्र-छात्राओं को टिस्को में अप्रेंटिस कराने की मांग को लेकर वन पर्यावरण व संस्कृति संरक्षण समिति के बैनर तले बेरोजगार युवकों ने प्रदर्शन किया तथा टाटा-स्टील (ओएमक्यू) के महाप्रबंधक के नाम एक मांग पत्र सौंपा. हालांकि व्यस्तता की वजह से आंदोलनकारी छात्रों से महाप्रबंधक की वार्ता नहीं हो सकी.
11 अगस्त को आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर वार्ता करने का भरोसा दिलाया गया है. मांग पत्र में बताया गया है कि झारखंड सरकार की कौशल विकास योजना के तहत सारंडा क्षेत्र के नोवामुंडी प्रखंड के छात्र-छात्राओं को राउरकेला(ओड़िशा)में आइटीआइ का दो वर्षीय कोर्स कराया गया था. वहीं आइटीआइ पास छात्र-छात्राएं अप्रेंटिस के लिए भटक रहे हैं. गरीबी के कारण छात्र-छात्राओं के पास इतना पैसा नहीं है कि वे दूसरी जगह जाकर अप्रेंटिसशिप कर सकें. क्षेत्र पूरी तरह नक्सल प्रभावित है. बावजूद इसके टाटा-स्टील, सेल समेत दर्जनों खनन कंपनियां कार्यरत हैं.
लेकिन अप्रेंटिसशिप कराने में दिलचस्पी नहीं ले रही है. ऐसी विषम परिस्थिति में आइटीआइ पास युवकों की स्थिति डावांडोल हो गयी है. टाटा-स्टील प्रबंधन से सीएसआर के तहत अप्रेंटिस कराने की मांग की गयी है. मौके पर समिति के अध्यक्ष हरिचरण सांडिल, सचिव मुकेंद्र कारुवा, कुशल बलमुचु, रमेश अंगरिया, लक्ष्मण चातोंबा, बिक्रम चातोंबा, सामू बलमुचु, लखन नाग, सोनाराम चातोंबा, बबलू अंगरिया, दामोदर चांपिया, सूर्य बोबोंगा, सोमरा लागुरी, महती, दारा सिंह चांपिया, घासीराम, कामू समेत आदि मौजूद थे.
