मुखिया संघ ने सोमवार को तमाड़बांध पंचायत भवन में की बैठक
चाईबासा : 14वें वित्त आयोग की राशि से विभिन्न योजनाओं का कार्य होना चाहिये, लेकिन प्रशासन सिर्फ नाली व पुलिया का काम करवा रहा है. अन्य योजनाओं के लिये कनीय अभियंता प्राक्कलन तैयार नहीं करते हैं. इससे दूसरे महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो पा रहे हैं. सोमवार को तमाड़बांध पंचायत भवन में हुई मुखिया संघ की बैठक में उक्त बातें सामने आयी. बैठक में सभी पंचायतों में मनरेगा में प्रतिदिन 200 मजदूरों से कार्य कराना सुनिश्चित किया गया. बरसात का समय होने के कारण ग्रामीण मजदूर अपने-अपने खेतों में कार्य कर रहे हैं. यह सिलसिला अक्तूबर तक जारी रहेगा.
ऐसी परिस्थिति में पंचायतों में प्रतिदिन दो सौ मजदूर मिलना संभव नहीं है. इसके बावजूद मुखियाओं को जबरदस्ती मजदूरी मांग पत्र देने को कहा जा रहा है, जो असंभव है. खदान क्षेत्र नोवामुंडी, मनोहरपुर में मनरेगा व 14वें वित्त की राशि को धरातल पर कार्य करने नहीं दिया जाता है. इससे विकास कार्य के लिये आयी राशि खर्च नहीं हो पा रही है. इन क्षेत्र में पंचायत भवन बनाने नहीं देते है. मुखिया संघ के अध्यक्ष निरेश देवगम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला सचिव शिशिर सिंकू, जिला उपाध्यक्ष सुज्ञानी कोड़ाह, अनुमंडल उपाध्यक्ष चंद्रमोहन बिरूवा, अनुमंडल सचिव निराकर बिरुवा, तमाड़बांध मुखिया कृष्णा देवगम आदि उपस्थित थे. बैठक के पश्चात उपायुक्त को मांगपत्र सौंपा गया.
