सुदिव्य सोनू के निधन पर सोशल मीडिया में पसरा मातम, एक यूजर ने कहा-शिक्षा विभाग में चल रहा ...

सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन से झारखंड की राजनीति में शोक की लहर है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी, वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग अपने नेता को याद कर रहे हैं.

झारखंड की राजनीति में रविवार की सुबह दुखद खबर लेकर आई. झारखंड मुक्ति मोर्चा(JMM) के वरिष्ठ नेता, गिरिडीह के विधायक और राज्य सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया. देर रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गिरिडीह के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. उनके अचानक निधन की खबर से गिरिडीह से लेकर रांची तक शोक की लहर है. झारखंड सरकार के मंत्रियों सहित आम जनता, कुमार सोनू के निधन पर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त कर रहे हैं .

हेमंत सोरेन ने बताया व्यक्तिगत क्षति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने उन्हें भाई जैसा करीबी बताते हुए कहा कि उनके जाने की खबर स्वीकार करना बेहद मुश्किल है.

JMM ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया.

एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि

निधन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सुदिव्य कुमार सोनू की तस्वीरें, पुराने कार्यक्रमों के वीडियो और श्रद्धांजलि संदेश तेजी से साझा किए जा रहे हैं.

JMM कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ दूसरे दलों के नेताओं ने भी उन्हें याद किया है.

उनके राजनीतिक सफर, संगठन में सक्रिय भूमिका और सरकार में निभाई गई जिम्मेदारियों की चर्चा हो रही है.

सुदिव्य कुमार सोनू मौजूदा सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, पर्यटन, कला-संस्कृति और खेल एवं युवा मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी देख रहे थे. वे गिरिडीह सीट से 2019 और 2024 में विधायक चुने गए थे.

शिक्षा विभाग में चल रहा जादू-टोना...!

फेसबुक पर मनीष कुमार महतो नाम के एक यूजर की टिप्पणी भी चर्चा में है, जिसमें शिक्षा विभाग को लेकर व्यंग्य करते हुए जादू-टोना और ओझा का जिक्र किया गया है. उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के कमेंट में लिखा कि कोई तो ये शिक्षा विभाग में जादू टोना कर गया है भाई! कोई अच्छा सा भगत/ओझा देख के झरवाओ, ऊँ शांति....

दरअसल,सुदिव्य कुमार सोनू से पहले हेमंत सोरेन सरकार में चार मंत्रियों का निधन हो चुका है, जिनमें से तीन का सीधा संबंध शिक्षा विभाग से रहा है. हालांकि यह एक यूजर की व्यक्तिगत टिप्पणी है.

फिलहाल झारखंड की सियासी और सोशल मीडिया टाइमलाइन पर सुदिव्य कुमार सोनू की यादें छाई हुई हैं. उनके अचानक निधन ने झामुमो और राज्य की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा कर दिया है.

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By गौतम कुमार

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