प्रतिनिधि, सिमडेगा. पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे के निर्देशन में कम्यूनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम ‘मोर पुलिस मोय पुलिस’ के तहत जिले के सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया गया. 11 से 16 सितंबर तक चले इस विशेष अभियान में ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही.
अभियान के दौरान ग्रामीणों को मानव तस्करी, सड़क सुरक्षा, सर्पदंश से बचाव व प्राथमिक उपचार, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, महिला उत्पीड़न, बाल संरक्षण और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के प्रति जागरूक किया गया. डायन प्रथा के खिलाफ विशेष संदेश देते हुए बताया गया कि किसी व्यक्ति को डायन बताकर प्रताड़ित करना या सामाजिक बहिष्कार करना गंभीर कानूनी अपराध है. पुलिस ने ग्रामीणों से अंधविश्वास और अफवाहों से दूर रहने तथा विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने की अपील की.
विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. थाना स्तर पर युवाओं की समितियां गठित कर उन्हें कुरीतियों के खिलाफ आगे आने को कहा गया. आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए डायल-112 तथा साइबर ठगी की स्थिति में राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गयी.
पुलिस प्रशासन के अनुसार, सामुदायिक सहभागिता से अपराध नियंत्रण और सुरक्षित व सशक्त समाज के निर्माण में मदद मिलती है.
