तीन हत्या से सिहर उठा झारखंड का ये गांव, जानें कैसे धारदार हथियार से घटना को दिया गया अंजाम

Simdega, Jharkhand: तीहरे हत्याकांड से झारखंड का सिमडेगा जिला दहल उठा.

रविकांत साहू

सिमडेगा: तीहरे हत्याकांड के बाद खीजुरडीह गांव सिहर उठा. यह गांव झारखंड के सिमडेगा जिले के पाकरटांड थाना क्षेत्र में पड़ता है. गांव  पूरी तरह से शोक में डूब गया है. खिजुरडीह गांव निवासी सुचिता बेक एवं ज्योति बेक इस घटना से पूरी तरह से अंजान थे. बताया जा रहा है कि अन्य दिनों की तरह ही वे लोग अपने दैनिक कार्यो में व्यस्त थे. गांव में 2 दिन पहले ज्योति बेक का पति खूंटी निवासी पिंगल होरो आया हुआ था. ज्योति बेक को अपने घर ले जाने की बातें कहने लगा. इसी बीच दोनों के बीच कहासुनी हो गयी.

मौके पर पिंगल होरो की सरहज सुचिता बेक भी मौजूद थी. विवाद होने के बाद किसी घटना से अनजान सुचिता बेक एवं ज्योति बेक डेढ़ माह के अपने पुत्र एल्बीन होरो को लेकर घर के पास में ही स्थित बागान चले गये. बागान में वे लोग अपने दैनिक कार्य में व्यस्त थे. इसी क्रम में पिंगल होरो क्रोधित होकर वहां पहुंचा एवं कुदाल से मार कर अपनी पत्नी ज्योति बेक की हत्या कर दी. पिंगल होरो को इतना से मन  नहीं भरा. उसने अपने डेढ़ माह के बच्चे एल्बिन होरो की भी निर्मम हत्या कर दी. इस घटना क्रम में बीच-बचाव करने आयी सुचिता बेक को भी पिंगल होरो ने नहीं बख्शा. कुदाल से कई बार सुचिता बेक के सिर हमला कर उसे  गंभीर रूप से घायल कर दिया.

इसी बीच ग्रामीण वहां पहुंच गये. ग्रामीणों द्वारा किसी प्रकार सुचिता बेक को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. सदर अस्पताल में इलाज के दौरान सुचिता बेक की मौत हो गयी.

सुचिता बेक गर्भवती थी

बताया जा रहा है कि सुचिता बेक गर्भवती थी. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया. हर ओर इसी घटना की चर्चा होती रही. घटना के बाद सुचिता बेक के परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. उसके माता-पिता सदर अस्पताल आये. उनका रो-रोकर बुरा हाल था. सुचिता बेक के माता-पिता के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. घटना से ग्रामीणों में काफी गुस्सा था. समय पर पुलिस पहुंच कर हत्या के आरोपी पिंगल होरो को अपने कस्टडी में ले लिया. पुलिस के आने में अगर थोड़ी देर होती तो ग्रामीणों का गुस्सा पिंगल होरो पर टूट पड़ता है.

मासूम पर भी नहीं आयी दया

मासूम का शव देख कर लोग फफक फफक कर रोने लगे. मासूम का शव देखकर लोग कह रहे थे देखो लग रहा है एल्बिन सो रहा है. लोग पिंगल होरों को राक्षस क्रूर की संज्ञा देते हुए कह रहे थे कि उसे इस मासूम पर भी दया नहीं आयी. बगान व आस पास खुन के धब्बे बिखड़े पड़े थे. आसपास का महौल पुरी तरह से हृदय विदारक थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >