कुरडेग के गाड़ियाजोर में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस फोटो फाइल: 17 एसआइएम: 11-संबोधित करते विधायक,12-नृत्य प्रस्तुत करती मंडली सिमडेगा. कुरडेग प्रखंड के गाड़ियाजोर में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भूषण बाड़ा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिप सदस्य जोसिमा खाखा, करमडीह पेरिस चेयरमैन सदानंद कुजूर उपस्थित थे. मौके पर जुलूस भी निकाला गया. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये. इस मौके पर अपने संबोधन में विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा और जीवन शैली हमारी पहचान है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों को न भूलें और शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान दें. विधायक ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नयी पहल करने की बात कही. साथ ही आदिवासी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता जतायी. विधायक ने कहा कि आज आदिवासी समाज को अपना अस्तित्व, संस्कृति और सम्मान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.मौके पर 20 सूत्री उपाध्यक्ष मनोज जायसवाल, पाकरटांड प्रखंड अध्यक्ष अजीत लकड़ा, विधायक प्रतिनिधि शीतल एक्का, शीतल तिर्की, दीपक जायसवाल, मंडल अध्यक्ष प्रवीण खेस, विधायक प्रतिनिधि गुड्डू खान, मुखिया प्रतिभा कुजूर, पंचायत अध्यक्ष सुनील कुजूर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंदन कुमार सिंह, युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष गुलशल एक्का, महिला कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष सबिता लकड़ा, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा, दुर्गेश पासी, आशीष कुमार समेत भारी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे. अदभुत है आदिवासी समाज की भाषा व संस्कृति: जोसिमा जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि आदिवासी समाज का रहन सहन, भाषा, संस्कृति, परंपरा अदभुत है. आदिवासी समाज की संख्या तेजी से घट रही है. देश में आदिवासी समाज को खत्म करने के लिए कई प्रकार के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. हमारे जल, जंगल, जमीन हथियाने के लिए तरह तरह के षड्यंत्र किये जा रहे हैं. इसके लिए सभी लोगों को एकजूट होकर आवाज बुलंद करने की जरुरत है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
