तीन करोड़ की योजना विभागीय लापरवाही की भेंट, 2023 से पूरी तरह बंद है निर्माण कार्य

सिमडेगा में 3 करोड़ की लागत से बन रहा मॉडल विद्यालय 11 वर्षों से अधूरा है। विभागीय लापरवाही और संवेदक की मनमानी के कारण छात्र जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।

सिमडेगा: कुरडेग प्रखंड के हेठमा पंचायत स्थित झारेन मोड़ के पास बन रहा मॉडल विद्यालय पिछले 11 वर्षों से अधूरा पड़ा है. करीब तीन करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी योजना विभागीय उदासीनता, संवेदक की मनमानी और धीमी कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ गई है. इसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. आधुनिक सुविधाओं वाले भवन में पढ़ाई का सपना अब तक पूरा नहीं हो सका. जबकि बच्चे आज भी पुराने प्लस टू विद्यालय के जर्जर भवन में पढ़ने को विवश हैं.

सुऋों से मिली जानकारी के अनुसार मॉडल विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू हुआ था. इसकी प्राक्कलित लागत लगभग 3 करोड़ 1 लाख 45 हजार 60 रुपये है. निर्माण कार्य की जिम्मेदारी गढ़वा की कौशिक कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई थी. विभाग की ओर से अब तक 1 करोड़ 1 लाख 44 हजार 389 रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है. लेकिन संवेदक निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर चला गया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होती तो विद्यालय का भवन वर्षों पहले तैयार हो जाता और बच्चों को सुरक्षित व बेहतर वातावरण में शिक्षा मिलती. वर्तमान में विद्यालय में कक्षा छह से दसवीं तक कुल 48 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. सभी की पढ़ाई पुराने जर्जर भवन में हो रही है. जिसकी छत से बारिश के दौरान पानी टपकता है. इससे पढ़ाई प्रभावित होती है और विद्यालय की सामग्री भी दीमक की चपेट में आ चुकी है. छत से टपकता है पानी

विद्यालय के शिक्षक विभूति नारायण साय ने बताया कि बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. छत से पानी टपकने के कारण छात्रों को बार-बार कमरा बदलकर बैठाना पड़ता है. कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं. प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमन कुजूर ने बताया कि विभागीय स्तर पर संवेदक को कई बार निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया. लेकिन उसने काम शुरू नहीं किया. अब मामले में उच्च स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है. बताया गया कि संवेदक बीच-बीच में धीमी गति से काम कर भुगतान निकालता रहा. 2 मार्च 2023 से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है.

संवेदक को काली सूची में डालते हुय पुन: निविदा निकालने का अनुरोध झारखंड शिक्षा परियोजना, सिमडेगा ने 29 मई 2024 और 13 जुलाई 2024 को पत्र भेजकर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने का निर्देश दिया. लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई. अंततः एक अगस्त 2025 को जिला शिक्षा विभाग ने झारखंड राज्य परियोजना परिषद, रांची को पत्र भेजकर संबंधित संवेदक को काली सूची में डालने तथा पुनः निविदा निकालकर निर्माण कार्य पूरा कराने का अनुरोध किया है. ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि अधूरे पड़े मॉडल विद्यालय का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए. ताकि क्षेत्र के बच्चों को सुरक्षित भवन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके.


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Author: Ravikant

Published by: Priya Gupta

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