सिमडेगा. सिमडेगा में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व गुरुवार को हर्षोल्लास व धार्मिक आस्था से मनाया गया. मौके पर शहर स्थित ईदगाह में सामूहिक रूप से बकरीद की नमाज अदा की गयी. नमाज मौलाना मो शाकिब ने अदा करायी. पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह देखा गया. लोग सुबह-सुबह नहा-धोकर और नये कपड़े पहन कर सात बजे तक ईदगाह पहुंच गये, जहां सुबह 7:15 बजे सामूहिक नमाज अदा की गयी. नमाज के दौरान अपने तकरीर में मौलाना मो शाकिब ने कहा कि ईद-उल-अजहा केवल जानवर की कुर्बानी का पर्व नहीं, बल्कि अपनी बुरी इच्छाओं, गुनाहों व नफ्स की कुर्बानी देने का संदेश देता है. उन्होंने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम और हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी का जिक्र करते हुए कहा कि अल्लाह के हुक्म पर दोनों ने सब्र, त्याग और फरमांबरदारी की मिसाल पेश की थी. उसी अजीम कुर्बानी की याद में हर साल मुसलमान कुर्बानी करते हैं. मौलाना ने कहा कि कुरआन शरीफ में अल्लाह तआला फरमाता है कि अल्लाह तक इंसान का गोश्त या खून नहीं, बल्कि उसका तकवा पहुंचता है. इसलिए कुर्बानी में दिखावा, रिया या घमंड नहीं होना चाहिए. उन्होंने लोगों से गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की. साथ ही नमाज की पाबंदी करने, झूठ, धोखा और बुराइयों से दूर रहने तथा समाज में भाईचारा और मोहब्बत कायम रखने का संदेश दिया. उन्होंने लोगों को शिक्षा अपनाने और नशे से दूर रहने की सलाह दी. नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान पहुंच अपने मरहूमों के लिए अल्लाह से दुआ मांगी.
सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम
बकरीद को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. ईदगाह समेत शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. ईदगाह परिसर में अनुमंडल पदाधिकारी सुमंत तिर्की, एसडीपीओ धर्मदेव पासवान, डीइओ मिथलेश केरकेट्टा, डीएमओ महेंद्र कुमार, डीएसओ मनोज कुमार, सदर थाना प्रभारी संजीत कुमार समेत पुलिस जवान मौजूद थे.
