वरीय संवाददाता
सिमडेगा. संत अन्ना महागिरजाघर सामटोली में रविवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला. यहां आयोजित पवित्र मिस्सा अनुष्ठान के दौरान करीब 97 बच्चों ने पहली बार यीशु मसीह को पवित्र प्रसाद के रूप में ग्रहण किया.
मुख्य अनुष्ठाता बने फादर इग्नासियुस टेटेपवित्र मिस्सा के मुख्य अनुष्ठाता होली स्पीरिट स्कूल के प्राचार्य फादर इग्नासियुस टेटे रहे. उनके साथ संत अन्ना महाविद्यालय के प्राचार्य सहित कई साथी पुरोहित भी मौजूद थे. मिस्सा के दौरान सामटोली पल्ली के लगभग 90 बच्चे जो सी गांव-देहात यूनिट से आये थे, ने भी पहली बार ईश्वर को परम प्रसाद के रूप में स्वीकार किया.
पवित्र त्रित्वा पर्व पर दिया विशेष संदेश
फादर इग्नासियुस टेटे ने बच्चों को पवित्र परम प्रसाद के रहस्य को विस्तार से समझाया. पवित्र त्रित्व पर्व के अवसर पर उन्होंने अपने प्रेरणादायक संदेश में कहा कि आज का परम प्रसाद समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि ईश्वर से आत्मिक जुड़ाव का पहला कदम है. उन्होंने बच्चों को ईश्वर में जीने और उनके बताये मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया. फादर ने बाइबल के उत्पत्ति ग्रंथ अध्याय 18 का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे अब्राहम ने तंबू के पास तीन अतिथियों का आतिथ्य किया था. वैसे ही ईश्वर बार-बार मनुष्य के जीवन में प्रकट होते हैं. उन्होंने कहा कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने प्रतिरूप में बनाया और संसार से इतना प्रेम किया कि अपने एकलौते पुत्र यीशु को इस धरती पर भेजा. यीशु ने क्रूस पर बलिदान देकर आदम से लेकर आने वाली पीढ़ियों तक सभी के पापों का प्रायश्चित किया. त्रित्व पर्व यीशु मसीह का दूसरा जन्म है, जो हमें मुक्ति का मार्ग दिखाता है.गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल
इस पावन अवसर पर युवा संघ के सदस्यों ने मधुर भक्ति गीतों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया. वहीं महिला संघ और कैथोलिक सभा ने पवित्र मिस्सा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बच्चों के परिजन भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने और ईश्वर की स्तुति की.