सिमडेगा. जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह, संवेदनशील और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से पुलिस ने नई पहल शुरू की है. अब जिले के सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों के कार्यों का नियमित एवं वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जाएगा. बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रत्येक माह के टॉप-3 थाना/ओपी को पुरस्कृत किया जाएगा.
मूल्यांकन वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर करेंगे. इसमें कांडों का उद्भेदन एवं 60/90 दिनों में निष्पादन, वारंट-कुर्की-इश्तेहार का निष्पादन, मालखाना मामलों का निपटारा, डायल-112 का रिस्पॉन्स टाइम, चरित्र व पासपोर्ट सत्यापन का समय, पेट्रोलिंग की सक्रियता, पीसीआर से प्राप्त सूचनाओं पर कार्रवाई, दुर्घटनाओं में त्वरित कार्रवाई, आसूचना के आधार पर अवैध शराब, पशु तस्करी एवं हथियारों के विरुद्ध कार्रवाई तथा मोबाइल रिकवरी जैसे बिंदु शामिल हैं.
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य त्वरित, तकनीक आधारित, जवाबदेह एवं जन-केंद्रित पुलिसिंग को बढ़ावा देना है. इससे लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, बेहतर अनुसंधान और आम जनता को समयबद्ध पुलिस सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
इसी कार्यमूल्यांकन के तहत 13 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया. उत्कृष्ट कार्य एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए पुअनि संजीव कुमार (सिमडेगा), पुअनि विनायक कुमार पांडे (केरसई), पुअनि जितेंद्र कुमार (कोलेबिरा) तथा पुअनि दीपेश कुमार (बांसजोर ओपी) को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने सम्मानित पदाधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए सभी पुलिसकर्मियों से निष्ठा, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया.
