सिमडेगा. डिजिटल पुलिसिंग और आधुनिक तकनीकी मानकों के क्षेत्र में सिमडेगा पुलिस ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया है. गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के प्रशिक्षण प्रभाग की ओर से जारी पत्र के आलोक में न्याय संहिता डैशबोर्ड के विभिन्न मानकों पर चयनित जिलों के साथ संवाद और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गयी. इसमें सिमडेगा पुलिस के प्रदर्शन को उल्लेखनीय पाया गया. न्याय संहिता डैशबोर्ड के निर्धारित मानकों पर सिमडेगा पुलिस ने कुल 64.74 अंक हासिल किये. इसमें सूचना एवं संचार तकनीक एप्लीकेशन के तहत 10 में से पूरे 10 अंक मिले. वहीं परिचालन दक्षता में 32.98 अंक, प्रशासनिक सुधार में 17.05 अंक और एकीकरण के क्षेत्र में 4.71 अंक प्राप्त हुए.
ई-साक्ष्य और ई-समन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल
सिमडेगा पुलिस की ओर से ई-साक्ष्य, ई-समन समेत अन्य डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, तकनीक के बेहतर उपयोग से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और त्वरित बनाया जा सकता है. डैशबोर्ड के विभिन्न मानकों पर मिले अंक इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाते हैं.
ये भी पढ़ें: Simdega: पेंशनरों ने विधायक को सौंपा 6 सूत्री मांग पत्र, वेलिडेशन एक्ट निरस्त करने की मांग
‘मोर पुलिस, मोय पुलिस’ अभियान
पुलिसिंग में तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनशीलता पर भी जोर दिया जा रहा है. जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों से मिलने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान का प्रयास किया जा रहा है. ‘मोर पुलिस, मोय पुलिस’ अभियान के तहत महिला एवं बाल सुरक्षा, डायन-बिसाही, सर्पदंश और साइबर अपराध से बचाव को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.
ये भी पढ़ें: Simdega: देर रात हाथी भगाने मशाल लेकर गांव पहुंचे विधायक, हाथियों के आतंक से दहशत में ग्रामीण
समय-सीमा में पुलिस सेवाएं देने पर जोर
राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने पर भी जोर दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य नागरिकों को त्वरित और सुगम पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना है. सिमडेगा पुलिस के प्रदर्शन पर पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने पूरी पुलिस टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत, तकनीकी दक्षता और बेहतर कार्यप्रणाली का परिणाम है.
