शिक्षक संघ के निर्णय के साथ खड़े होने का लिया संकल्प
झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ जिला इकाई की बैठक
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
सिमडेगा. झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ जिला इकाई की बैठक राजकीयकृत मवि ठाकुरटोली में मनोज कुमार भगत की अध्यक्षता में हुई. बैठक में संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार भगत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के टेट से संबंधित हालिया आदेश से शिक्षकों में हड़कंप मचा है. यदि टीइटी परीक्षा पास नहीं की, तो सेवा में बने रहने या प्रोन्नति पाने के लिए उन्हें दो साल में टीइटी परीक्षा पास करना अनिवार्य है. अगर दो साल के अंदर टीइटी परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उनको सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा. टेट की इस अनिवार्यता संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश से देश में लाखों सरकारी शिक्षकों की नौकरी खतरे में है तथा शिक्षकों के लाखों परिवार पर विकट आर्थिक संकट पैदा हो जायेगा. इस विकट स्थिति से निबटने के लिए बैठक में विचार-विमर्श किया गया. शिक्षकों ने संघ के आह्वान पर अपने अस्तित्व व आजीविका को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दायर करने के अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के निर्णय के साथ खड़े होने का संकल्प लिया गया. कहा गया की सरकार सांसद में अध्यादेश लाकर इस समस्या का समाधान कर सकती है. इस संबंध में प्रधानमंत्री ,शिक्षा मंत्री समेत अन्य मंत्रियों को भी अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांग पत्र के माध्यम से अवगत कराया है. उपन डांग ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए सभी शिक्षकों को एकजुट होने की जरूरत है. बैठक में उपाध्यक्ष मुकुट गुड़िया, राज्य प्रतिनिधि उपन डांग, सचिव दिलीप प्रसाद, संगठन मंत्री प्रेमन बागे, कोषाध्यक्ष सुजीत एक्का, बसंत कोंगाड़ी , परमानंद ओहदार उपस्थित थे.
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