पेड़ों में रक्षा सूत्र बांध ग्रामीणों ने लिया जंगल बचाने का संकल्प

सिमडेगा में कृषक बंधु संस्था ने रक्षाबंधन के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की. ग्रामीणों ने जंगल में पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया.

सिमडेगा में पेड़ों में रक्षा सूत्र बांध ग्रामीणों ने लिया जंगल बचाने का संकल्पसिमडेगा: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कृषक बंधु संस्था की ओर से पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनूठी पहल की गयी. संस्था के सचिव प्रभात कुमार के नेतृत्व में जिले के विभिन्न गांवों के ग्रामीण जंगलों में पहुंचे और पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया. इस दौरान ग्रामीणों ने जंगलों को बचाने के साथ-साथ अधिक से अधिक पौधे लगाने का भी संकल्प लिया.

पेड़ों को रक्षा सूत्र बांध दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सदर प्रखंड की अरानी पंचायत स्थित फुलवाटांगर जंगल और ठेठईटांगर प्रखंड के कसडेगा पतरा टोली गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पेड़-पौधों में रक्षा सूत्र बांधा. ग्रामीणों ने जंगल की रक्षा करने और खाली स्थानों पर पौधरोपण करने का संकल्प लिया.

जंगल हमारे लिए मां के समान : प्रभात कुमार

मौके पर कृषक बंधु संस्था के सचिव प्रभात कुमार ने कहा कि जंगल हमारे लिए मां के समान है. जंगल के बिना मानव जीवन अधूरा है. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर जिस तरह हम अपने भाई-बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी तरह पेड़-पौधों की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए.

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अंधाधुंध पेड़ कटाई मानव समाज के लिए खतरे की घंटी

प्रभात कुमार ने कहा कि लोग अपने स्वार्थ के लिए अंधाधुंध पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जो मानव समाज के लिए खतरे की घंटी है. यदि समय रहते जंगलों की रक्षा नहीं की गयी, तो आनेवाले समय में लोगों को ऑक्सीजन के लिए भी परेशानी उठानी पड़ सकती है. लगातार बढ़ता तापमान और समय पर बारिश नहीं होना पर्यावरण असंतुलन का संकेत है. इसका सीधा असर किसानों पर भी पड़ रहा है. उन्होंने लोगों से जंगल बचाने के साथ पौधरोपण करने की अपील की. कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने माता-पिता, दादा-दादी या किसी प्रियजन की स्मृति में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे.

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

कार्यक्रम में ज्योति देवी, फुलेश्वरी देवी, सुशीला कुमारी, चेतेस प्रधान, जयमुनी देवी, मोनिशा कुमारी, अकली देवी, कल्याणी देवी, धनेश्वरी देवी, नवीन रावत, राधिका देवी, देवती देवी, लछ्मी देवी, जतरी देवी, फुलमनी कुमारी, सनिवार देवी, गुज देवी, सहरी देवी, पार्वती कुमारी, राखी कुमारी, बेली कुमारी, खेमराज रावत, मनोहर नायक, रितिका कुमारी, श्रीमती कुमारी, निरामती, देवी कुमारी, तलेस प्रधान, कुंभारानी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.


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लेखक के बारे में

By रविकांत साहू

रविकांत साहू, सिमडेगा पिछले 36 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं. राजनीति, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ जनसरोकारों, स्थानीय मुद्दों और क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर समाचार संकलन में उनकी विशेष रुचि रही है. ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना उनकी पत्रकारिता की खास पहचान है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी रिपोर्टिंग के माध्यम से वे क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं.

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