मंडल कारा में शिविर आयोजित कर बंदियों को दी गयी कानून की जानकारी, कहा

मंडल कारा में जेल अदालत, विधिक जागरूकता शिविर सह स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन रविवार को किया गया.

समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा हो, तो शिकायत प्राधिकार से कर सकते हैं. फोटो फाइल: 20 एसआइएम:13-कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारी व अन्य सिमडेगा. मंडल कारा में जेल अदालत, विधिक जागरूकता शिविर सह स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन रविवार को किया गया. मौके पर चीफ एलएडीसी प्रभात श्रीवास्तव, डिप्टी एलएडीसीएस ब्रिखभान अग्रवाल,असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल, जेलर यूसुफ आजाद, जेलकर्मी,न्यायालयकर्मी व बंदी उपस्थित थे. मौके पर बंदियों को लीगल एड क्लिनिक के बारे में जानकारी दी गयी. इसके बाद बंदियों को अलग-अलग समस्याओं के समाधान के लिए जानकारी दी गयी. बंदियों को कानून की जानकारी भी दी गयी. चीफ एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कानून में बंदियों को कई अधिकार मिले हैं. अगर अधिकारों का हनन हो रहा हो और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा हो उसकी शिकायत प्राधिकार से कर सकते हैं. समस्याओं का समाधान किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बंदी अपने केस का स्टेट्स भी प्राधिकार के जरिए पता कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी बंदी का जमानत हो गया हो और अगर वह बेल बॉन्ड भरने में सक्षम ना हो तो वह पुनः न्यायालय में बेल बॉन्ड के शर्तों में बदलाव हेतु आवेदन दाखिल कर सकता है. अदालत की अनुमति से संबंधित बंदी पर्सनल बॉन्ड पर जेल से बाहर जा सकता है. डिप्टी एलएडीसीएस ब्रिखभान अग्रवाल ने कहा कि बंदियों को जागरूक होना होगा. जेल के अंदर से भी अपनी शिकायत आवेदन के माध्यम से न्यायालय को भेज सकते हैं. अपने मुकदमा के बारे खुद अपडेट रहें. असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल ने कहा कि किसी बंदी का अगर बेल हो चुका है तो सभी वार्ड के हेड बेल बॉन्ड भरने में संबंधित बंदी की मदद कर सकते हैं. उन्होंने बंदियों को जेल मैनुअल के विभिन्न बिंदुओं के बारे भी जानकारी दी.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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