पेसा कानून से ग्रामसभाओं को संवैधानिक अधिकार मिलेंगे : विधायक
पेसा कानून से ग्रामसभाओं को संवैधानिक अधिकार मिलेंगे : विधायक
सिमडेगा. कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने झारखंड में पेसा कानून लागू किये जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व इंडिया महागठबंधन सरकार के प्रति आभार जताया है. उन्होंने इसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों के सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक व दूरदर्शी कदम बताया है. विधायक ने कहा कि उन्होंने बजट सत्र के दौरान पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग प्रमुखता से उठायी थी, जिसे राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए अमल में लाया. कहा कि पेसा कानून से ग्रामसभाओं को संवैधानिक अधिकार मिलेंगे और स्थानीय स्वशासन को मजबूती मिलेगी. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा मनरेगा योजना को बेहतर ढंग से संचालित किये जाने के लिए धन्यवाद दिया. विधायक ने कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस व सहयोगी दलों की सरकार ने मनरेगा कानून पारित किया था, ताकि ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जा सके. यह योजना ग्रामीण मजदूरों और गरीब परिवारों के लिए आज भी एक मजबूत सहारा बनी हुई है. कहा कि झारखंड सरकार ने कई चुनौतियों के बावजूद गांवों के विकास के लिए सराहनीय कार्य किये हैं. उन्होंने बताया कि आज भी गांवों में गरीब किसान, मजदूर और भूमिहीन परिवारों की स्थिति चिंताजनक है, जिनमें से अधिकांश बीपीएल श्रेणी में आते हैं. ऐसे में मनरेगा योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है. उन्होंने मनरेगा योजना में केंद्र सरकार द्वारा किये गये हालिया बदलावों पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा में किये जा रहे बदलाव मजदूरों और गरीबों के हितों की अनदेखी हैं. विधायक ने इन बदलावों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और गरीबी बढ़ेगी. विधायक ने मांग की कि मनरेगा में किये गये सभी बदलावों को तत्काल वापस लिया जाये.
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