बजट 2026-27 पर लोगों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वर्ष 2026-27 का आम बजट प्रस्तुत किया. बजट को लेकर किसानों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों एवं युवाओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की.

प्रभात खबर टोली

सिमडेगा: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वर्ष 2026-27 का आम बजट प्रस्तुत किया. बजट को लेकर किसानों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों एवं युवाओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की. जहां कुछ लोगों ने बजट को संतुलित और विकासोन्मुख बताया वहीं कुछ ने इसे निराशाजनक करार दिया.

वेद प्रताप रावत (किसान वर्ग)

किसान वर्ग से जुड़े वेद प्रताप रावत ने कहा कि बजट में कृषि, सिंचाई एवं ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है. यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. हालांकि, लघु एवं मध्यम व्यापारियों के लिए प्रत्यक्ष कर राहत न होना निराशाजनक है.

विनय अग्रवाल (लचरागढ़ निवासी)

लचरागढ़ निवासी विनय अग्रवाल ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट संतुलित एवं विकासोन्मुख है. बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है. जन उपयोगी वस्तुओं पर कीमत घटाना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहतकारी कदम है, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.

बालमुकुंद सिंह

बालमुकुंद सिंह ने बजट को गरीबों का बजट बताते हुए कहा कि इसमें छात्रों और शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है. कई जरूरी वस्तुएं सस्ती की गई हैं. जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा. शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को केंद्र में रखकर बजट तैयार किया गया है.

छोटू सिंह

छोटू सिंह ने कहा कि यह बजट पूरी तरह संतुलित और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. किसानों को विशेष महत्व दिया गया है. हाई स्पीड रेल परियोजनाओं से बुनियादी ढांचा मजबूत होगा. यह बजट भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा.

मोतीलाल कश्यप (सेवानिवृत्त शिक्षक)

सेवानिवृत्त शिक्षक मोतीलाल कश्यप ने बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि इसमें सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है. कृषि, मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों पर फोकस से ग्रामीण रोजगार बढ़ेगा. हालांकि टैक्स स्लैब में बदलाव न होना इस बजट की एक कमी है.

सुनील खड़िया

सुनील खड़िया ने बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह केवल दिखावटी और लॉलीपॉप जैसा है. गरीबों के लिए इसमें कुछ खास नहीं है. झारखंड को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है. यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता.

फिरोज अली

फिरोज अली ने कहा कि यह बजट मिला-जुला है. लेकिन इससे कोई बड़ा बदलाव होने वाला नहीं है. सरकार ने पुराने बजट की योजनाओं को ही दोहराया है. नए और ठोस उपायों का अभाव है. जिससे आम लोगों को कोई खास लाभ मिलने की संभावना नहीं दिखती.

अशोक इंदवार

अशोक इंदवार ने बजट को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को सशक्त करेगा. छात्रों और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना झलकती है.

संजीत कुमार (अध्यक्ष, कोलेबिरा व्यापारिक संघ)

व्यापारिक संघ अध्यक्ष संजीत कुमार ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह एक संतुलित बजट है. विलासिता की वस्तुओं पर ही कीमत बढ़ाई गई है. महत्वपूर्ण दवाइयों को सस्ता करना सराहनीय कदम है. छात्रों को वैश्विक शिक्षा के अवसर मिलेंगे.

कीर्ति कुमार साहू

कीर्ति कुमार साहू ने कहा कि यह बजट युवाओं के लिए बेहद लाभकारी है. सरकार ने युवाओं को केंद्र में रखकर कई योजनाएं बनाई हैं. विदेश में कम खर्च पर उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे. मेडिकल, रेलवे, कृषि और शिक्षा क्षेत्र में भी सकारात्मक पहल की गई है.

चिंतामणि कुमार

चिंतामणि कुमार ने कहा कि यह बजट देश को नई पहचान देगा. इससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी. सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए आयाम जुड़ेंगे. वित्त मंत्री ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए विकासोन्मुख बजट प्रस्तुत किया है.

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Author: VIKASH NATH

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