सिमडेगा. ईसाई समुदाय का पवित्र चालीसा काल बुधवार को राख बुध के साथ शुरू हो गया. सामटोली स्थित संत अन्ना महा गिरजा घर में राख बुधवार के अवसर पर विशेष मिस्सा अनुष्ठान का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ किया गया. मिस्सा अनुष्ठान में मुख्य अनुष्ठाता पल्ली पुरोहित विजी फादर इग्नासियुस टेटे उपस्थित थे. मिस्सा अनुष्ठान में पल्ली पुरोहित का सहयोग फादर किशोर लकड़ा, फादर हेनरी तिग्गा, फादर पीटर मिंज, फादर नीलम राकेश मिंज आदि पुरोहितों ने किया. मिस्सा अनुष्ठान के दौरान पल्ली पुरोहित ने राख बुधवार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन आत्मचिंतन, प्रायश्चित और संयम का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि चालीसा काल ईस्टर पर्व से पूर्व 40 दिनों की आध्यात्मिक तैयारी का समय होता है, जिसमें उपवास, प्रार्थना व परोपकार के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से सुदृढ़ बनाता है. अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं के माथे पर राख का तिलक लगा कर उन्हें पापों से क्षमा करने और सादगीपूर्ण जीवन अपनाने का संदेश दिया गया. इस दौरान गिरजाघर में भजन व विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गयी, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा. कार्यक्रम के अंत में पल्ली पुरोहित ने सभी से चालीसा काल में प्रेम, क्षमा व सेवा भाव के साथ जीवन जीने का आह्वान किया. प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में ईसाई धर्मावलंबी शामिल हुए और ईश्वर से आत्मशुद्धि व क्षमा की प्रार्थना की.
चालीसा काल आत्मचिंतन, प्रायश्चित व संयम का प्रतीक : फादर इग्नासियुस
संत अन्ना महागिरजा घर में विशेष मिस्सा अनुष्ठान का आयोजन
