सिमडेगा: जिले में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा असामाजिक और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सिमडेगा पुलिस ने ऑपरेशन सतर्क शुरू किया है. इसके तहत जनवरी 2026 से सक्रिय एवं आदतन अपराधियों और संवेदनशील व्यक्तियों की निगरानी और सत्यापन की कार्रवाई लगातार की जा रही है.
पुलिस के अनुसार जिले में पूर्व से स्वीकृत 483 निगरानी प्रस्तावों के आधार पर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. वहीं, जनवरी 2026 से अब तक 52 नए अपराधियों के खिलाफ निगरानी शुरू करने का आदेश संबंधित थानों को भेजा गया है. इसका उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखते हुए अपराध की पुनरावृत्ति को रोकना है.
120 अपराधियों और 172 नक्सलियों का सत्यापन
अभियान के तहत अब तक 120 अपराधियों और 172 नक्सलियों का सत्यापन किया जा चुका है. सत्यापन के दौरान उनके वर्तमान निवास, गतिविधियों, सामाजिक व्यवहार सहित अन्य आवश्यक जानकारियां जुटायी जा रही हैं. सत्यापित अपराधियों के इंटरोगेशन नोट्स तैयार कर डेटाबेस भी संधारित किया जा रहा है, ताकि अपराधों के शीघ्र उद्भेदन में मदद मिल सके.
बीट पुलिसिंग और गश्ती व्यवस्था मजबूत
पुलिस ने अपराध की रोकथाम के लिए बीट पुलिसिंग और नियमित गश्ती व्यवस्था को भी मजबूत किया है. संवेदनशील इलाकों में लगातार भ्रमण और निगरानी की जा रही है. सार्वजनिक स्थानों पर अड्डेबाजी के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है.
इसके अलावा बैंकों, निर्माणाधीन स्थलों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों का नियमित सुरक्षा ऑडिट एवं निरीक्षण किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में धमकी भरे कॉल की घटनाओं में भी कमी आयी है.
सिमडेगा पुलिस ने अपराध और उग्रवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी है.
