जीइएल चर्च बंबलकेरा में मनाया गया मिशन पर्व

जीइएल चर्च बंबलकेरा में मनाया गया मिशन पर्व

सिमडेगा. जीइएल चर्च बंबलकेरा पोगललोया मंडली में मिशन पर्व मनाया गया. मौके पर विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी, पेरिस चेयरमैन पादरी जेम्स जोजो, विधायक प्रतिनिधि रावेल लकड़ा मुख्य रूप से उपस्थित थे. मौके पर सर्वप्रथम ईश्वर को धन्यवाद, अराधना और स्तुति महिमा की गयी. विधायक ने कहा कि मिशनरी जर्मनी से बर्मा जाने के लिए निकले थे. लंबे समय की यात्रा के बाद कोलकाता में उतरे. इसके बाद परिस्थिति ऐसी बनी की दो नवंबर 1845 को जर्मनी के चार लूथरन मिशनरी रेव्ह इमिल शत्स, रेव्ह फ्रेडरिक वच, रेव्ह औगुस्त ब्रंत और रेव्ह थियोदोर यानके कोलकाता से छोटानागपुर रांची पहुंचे. उन्होंने पांच साल कठिन श्रम और निराशा में गुजारें. यहां के मौसम, यहां की परिस्थिति और भाषा सीखी. कई साल के बाद उन्हें फल मिला. इससे पता चलता है कि परमेश्वर का वचन न सिर्फ जीवित है बल्कि उसमें सामर्थ भी है. उन्होंने छोटानागपुर क्षेत्र में ईसाई धर्म और शिक्षा की नींव रखी. विधायक ने कहा के मिशनरियों ने केवल धर्म प्रचार ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में कई स्कूलों और शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये, जिससे आदिवासी तक शिक्षा की पहुंच बढ़ी. स्वास्थ्य के क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किये एवं सभ्य समाज के स्थापना की. उन्होंने कहा कि यह पर्व उन शुरुआती मिशनरियों के बलिदानों और कार्यों को याद करने, आध्यात्मिक जागरण लाने और समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. इस अवसर पर स्तुति महिमा की अगुवाई पेरिस चेयरमैन पादरी जेम्स जोजो द्वारा किया गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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