सिमडेगा में स्वतंत्रता दिवस पर खेलों का महासंग्राम, फुटबॉल और हॉकी में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

सिमडेगा के कुरडेग और किनकेल में आयोजित फुटबॉल और हॉकी टूर्नामेंट में घाघमुंडा एफसी और झरैन ने खिताब जीता. विधायक भूषण बाड़ा ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया.

सिमडेगाः स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुरडेग और केरसई में खेल का जुनून चरम पर रहा. फुटबॉल और हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में खेलप्रेमी पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया.

घाघमुंडा एफसी ने 2-1 से जीता फुटबॉल का फाइनल

कुरडेग के माइकल किंडो ग्राउंड में आयोजित 11वें आलोपियन माइकल किंडो फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला स्पॉटिंग क्लब और घाघमुंडा एफसी के बीच खेला गया. रोमांचक मुकाबले में घाघमुंडा एफसी ने 2-1 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया. फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा तथा विशिष्ट अतिथि कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा मौजूद थीं.

10 हजार से अधिक दर्शकों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

फाइनल मुकाबला देखने के लिए करीब 10 हजार से अधिक दर्शकों की भीड़ उमड़ी. सिमडेगा के अलावा ओड़िशा और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में खेलप्रेमी पहुंचे. मैच के बाद विधायक भूषण बाड़ा ने विजेता और उपविजेता टीम को पुरस्कृत किया.

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खेल प्रतिभा को पहचान दिलाने का मजबूत माध्यम: भूषण बाड़ा

विधायक भूषण बाड़ा ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं है, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, भाईचारे और अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने का सबसे मजबूत माध्यम है. उन्होंने कहा कि सिमडेगा की धरती ने हमेशा हॉकी और फुटबॉल जैसे खेलों में प्रतिभाओं को जन्म दिया है. जरूरत है कि गांव के मैदानों से निकलने वाली प्रतिभाओं को उचित मंच और संसाधन मिले. उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी कभी छोटा नहीं होता, उसके हौसले बड़े होने चाहिए. हार से घबराना नहीं है और जीत पर रुकना नहीं है. गांव-गांव के मैदानों से निकलकर बच्चे राज्य ही नहीं, बल्कि देश का नाम रोशन करें, यही हमारा सपना है.

गांव का हर मैदान है प्रतिभा की पाठशाला: जोसिमा खाखा

जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने खिलाड़ियों और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि खेल समाज को जोड़ने का काम करता है. मैदान में जाति, धर्म और क्षेत्र की दीवारें नहीं होतीं, वहां केवल प्रतिभा, मेहनत और खेल भावना की जीत होती है. गांव का हर मैदान प्रतिभा की पाठशाला है. यहां से निकलने वाले खिलाड़ी भविष्य में राज्य और देश के लिए खेलेंगे. उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे और गलत दिशा से दूर रखकर अनुशासन और लक्ष्य की ओर ले जाता है. इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत है.

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किनकेल में हॉकी का रोमांच, झरैन ने 1-0 से जीता फाइनल

वहीं केरसई प्रखंड के किनकेल में एथलेटिक्स एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित हॉकी टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला भी बेहद रोमांचक रहा. फाइनल में झरैन और निर्मला स्कूल खालीजोर की टीमें आमने-सामने थीं. कांटे की टक्कर के बीच झरैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1-0 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया.

सिमडेगा की हॉकी पहचान को और ऊंचाई तक ले जाने का आह्वान

फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा उपस्थित हुए. उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा कि सिमडेगा की पहचान हॉकी से है और इस पहचान को और ऊंचाई तक ले जाने की जिम्मेदारी हम सबकी है. विधायक ने खिलाड़ियों से अपील की कि हार को सबक और जीत को नई शुरुआत मानें. उन्होंने कहा कि मैदान में पसीना बहाने वाला युवा ही भविष्य में सफलता की कहानी लिखता है.


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By Ravikant

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