प्रेम और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है करमा: जोसिमा खाखा

तामड़ा में रविवार को करमा मिलन समारोह का आयोजन किया गया

करमा मिलन समारोह का आयोजन फोटो फाइल:7 एसआइएम:10-संबोधित करते जिप सदस्य सिमडेगा: तामड़ा में रविवार को करमा मिलन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप में ज़िला परिषद् सदस्य जोसिमा खाखा उपस्थित थीं. मौके पर जोसिमा खाखा ने कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारी धरोहर है. करमा पर्व भाईचारे, प्रेम और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है. हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों तक इसे इसी पवित्रता और उल्लास के साथ पहुंचाना है. आज जब आधुनिकता तेज़ी से बढ़ रही है, तब और भी ज़रूरी हो जाता है कि हम अपनी जड़ों से जुड़े रहें. जोसिमा खाखा ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और आधुनिक जीवनशैली के साथ-साथ अपनी भाषा, नृत्य, गीत और परंपराओं को भी महत्व देना चाहिए. उन्होंने कहा कि करमा पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एकता का सूत्र है.ऐसे कार्यक्रम न केवल संस्कृति को जीवंत रखते हैं बल्कि आपसी भाईचारे और एकजुटता को भी मजबूत करते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि करमा पर्व की भावना को जीवन के हर क्षेत्र में उतारें, ताकि समाज में प्रेम, सौहार्द और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बनी रहे. मौके पर आदिवासी नाच का भी आयोजन किया गया. समारोह में डीन फादर हेरमन खलखो, फादर पौलूस, फादर प्रवीण, फ़ादर अगुस्टीन, फादर तरसीयुस, सिस्टर सरिता, सिस्टर सुषमा, उर्मिला केरकेट्टा, जूली लुगून, सोशन सरिता खेस, कार्मेल कुल्लू, दिव्या और संगीता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >