सिमडेगा: केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन को निर्णायक रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में परिसद भवन में झारखंड मुक्ति मोर्चा की बैठक जिला अध्यक्ष अनिल कंडूलना की अध्यक्षता में हुई. बैठक में इसके विरोध को बूथ स्तर से लेकर प्रखंड और प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक तेज करने का निर्णय लिया गया.
बूथ स्तर तक विरोध तेज करने का निर्णय
बैठक में अनिल कंडूलना ने कहा कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था और पहचान का महत्वपूर्ण आधार है. झारखंड की धरती और यहां की खनिज संपदा पर सबसे पहला अधिकार झारखंड की जनता का है. केंद्र सरकार द्वारा लाये गये इस संशोधन से राज्यों के अधिकार और राजस्व हित प्रभावित होंगे. झामुमो इस फैसले का बूथ स्तर तक विरोध करेगा. साथ ही सात सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों में धरना दिया जायेगा.
झारखंड के हक और अधिकार की लड़ाई : जिला सचिव
जिला सचिव मो सफिक खान ने कहा कि यह केवल एक कानून का विरोध नहीं, बल्कि झारखंड के हक और अधिकार की लड़ाई है. बूथ कमेटी, पंचायत कमेटी और प्रखंड कमेटी के सभी कार्यकर्ता पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगे.
ये रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय सदस्य नोवास केरकेट्टा, नुसरत खातून, फिरोज अली, मो इरशाद, जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ाईक, जिला संगठन सचिव वकील खान, सुमन मिंज, अनस आलम, कुंदन रजक, मो इकबाल, नासिर अंसारी, जैनुल अंसारी, प्रेम प्रकाश, रोशन लकड़ा, दिवाकर प्रसाद, अजय कुमार के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे.
